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पहले पुलवामा, अब अनंतनाग: 11 महीने में कश्मीर में 4 बड़े आतंकी हमले

पाकिस्तान में पिछले साल चुनाव हुए. अगस्त में इमरान खान प्रधानमंत्री बने. सीमा पर आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए बड़े वादे भी किए. नरेंद्र मोदी के दूसरी बार पीएम बनने पर इमरान खान ने उन्हें बधाई भी दी. लेकिन इमरान खान के पहली बार प्रधानमंत्री और नरेंद्र मोदी के दूसरी बार पीएम बनने के बीच के 11 महीनों में सिर्फ जम्मू-कश्मीर में 4 बड़े आतंकी हमले हुए.

अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए. अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए.
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 13 जून 2019,
  • अपडेटेड 12:53 PM IST

जम्मू-कश्मीर में 2014 से दिसंबर 2018 तक 1213 आतंकी घटनाएं हुईं. इनमें 183 लोग और 838 आतंकी मारे गए. इस दौरान देश के अन्य स्थानों में  सिर्फ 6 आतंकी घटनाएं हुई है. इनमें 11 लोग और 7 आतंकियों की मौत हुई है. इस दौरान आतंकियों से संघर्ष में विभिन्न भारतीय सैन्य बलों के 198 जवान शहीद हो गए. लोकसभा में पेश दस्तावेज इन घटनाओं की गवाही देते हैं.

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पाकिस्तान में पिछले साल चुनाव हुए. अगस्त में इमरान खान प्रधानमंत्री बने. सीमा पर आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए बड़े वादे भी किए. नरेंद्र मोदी के दूसरी बार पीएम बनने पर इमरान खान ने उन्हें बधाई भी दी. लेकिन इमरान खान के पहली बार प्रधानमंत्री और नरेंद्र मोदी के दूसरी बार पीएम बनने के बीच के 11 महीनों में सिर्फ जम्मू-कश्मीर में 4 बड़े आतंकी हमले हुए.

14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला किया. इस हमले में 46 जवान मारे गए और सैकड़ों घायल हुए थे. इसके बाद ही भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक करके जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों के बर्बाद कर दिया. 7 मार्च को जम्मू बस स्टैंड पर ग्रेनेड हमला हुआ. इसमें 3 लोग मारे गए.

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9 अप्रैल को किश्तवाड़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 2 कार्यकर्ताओं को आतंकियों ने मार डाला. 12 जून को अनंतनाग में बस स्टैंड के पास हुए आतंकी हमले में पांच जवान शहीद गए, जबकि तीन जवान घायल हो गए. जवाबी फायरिंग में दो आतंकियो को मार गिराया गया.

पाकिस्तान ने तीन साल में 4281 बार तोड़ा संघर्षविराम, 74 बार घुसपैठ की कोशिश

पिछले तीन साल में पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में 4281 बार संघर्षविराम को तोड़ा है. इस दौरान सैन्यबलों के करीब 70 जवान और इतने ही लोग मारे गए. जबकि, 256 जवान और 373 लोग घायल हुए. जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों ने 74 बार घुसपैठ की कोशिश की, जिसे भारतीय सैन्यबलों ने नाकाम कर दिया.

जीत की बधाई देना, बात करने की गुजारिश सब पाकिस्तान का छलावा

नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने ट्वीट करके बताया कि इमरान खान ने मोदी को जीत की बधाई दी. दक्षिण एशिया में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए अपनी इच्छा दोहराते हुए खान ने कहा कि वे इन उद्देश्यों को आगे ले जाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर काम करने के प्रति आशान्वित हैं. मोदी ने भी जवाब में कहा कि हमारे क्षेत्र में शान्ति, प्रगति और समृद्धि के लिए सहयोग बढ़ाने हेतु विश्वास और हिंसा के अलावा आतंकवाद से मुक्त वातावरण का निर्माण करना जरूरी है. भारत से बातचीत के लिए पाकिस्तान बेताब भी है. वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर चिट्ठी लिखी है. उन्होंने यह खत दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की उम्मीद को लेकर लिखा है. इमरान खान ने पीएम नरेंद्र मोदी से साउथ एशिया और पड़ोसी देशों में शांति के लिए मिलकर काम करने की इच्छा जताई. चिट्ठी में कश्मीर विवाद का भी जिक्र है.

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