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एनजीटी ने सोलन के होटल पर 10 लाख रुपये का लगाया जुर्माना

अधिकरण ने यह रेखांकित किया है कि होटल बरोग हाइट्स ने जो निर्माण किये हैं, उनमें से कुछ हिस्सा अवैध तथा गैरकानूनी है और वह एक अप्रैल, 2012 से अभी तक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लिये बगैर अपना व्यापार चला रहे थे.

प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो
केशवानंद धर दुबे
  • नई दिल्ली,
  • 12 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 1:32 PM IST

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने हिमाचल प्रदेश के सोलन में अवैध रूप से निर्मित एक होटल का एक हिस्सा गिराने का आदेश दिया. साथ ही पर्यावरण को प्रदूषित करने और पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाने के लिए उसपर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

अधिकरण ने यह रेखांकित किया है कि होटल बरोग हाइट्स ने जो निर्माण किए हैं, उनमें से कुछ हिस्सा अवैध तथा गैरकानूनी है और वह एक अप्रैल, 2012 से अभी तक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लिए बगैर अपना व्यापार चला रहे थे.

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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दे 10 लाख का जुर्माना

एनजीटी अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने होटल को निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर अपने अवैध निर्माण को गिरा दे और पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाने की एवज में हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दो सप्ताह के भीतर 10 लाख रुपये का जुर्माना भरे.

पीठ ने कहा, ‘रेकार्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जो यह साबित कर सके कि होटल ने पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन नहीं किया है. यह दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं है कि इतना बड़ा होटल कैसे अपने कचरे से निपट रहा है और सीवेज का निपटारा कैसे करता है. जल-मल शोधन संयंत्र समुचित क्षमता का नहीं है, क्योंकि होटल समय के साथ-साथ ब्लॉक दर ब्लॉक का निर्माण करते जा रहे हैं और संयंत्र की क्षमता नहीं बढ़ा रहे.’ उसने कहा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कभी भी सीवेज की गुणवत्ता की जांच नहीं की, ना हीं संयंत्र में शोधन से पहले और ना शोधन के बाद.

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बता दें कि कसौली और उसके पर्यावरण संरक्षण से जुड़े एक गैर सरकारी संगठन द्वारा राज्य में प्रदूषण फैलाने और बिना अनुमति के निर्माण कार्य करने वाले होटलों के खिलाफ दाखिल एक याचिका पर यह आदेश दिया.

    

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