
लोकसभा चुनाव से पहले इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2019 में राजनीति के दिग्गजों ने शिरकत की. इस कार्यक्रम में मोदी सरकार में मंत्री नितिन गडकरी ने आरक्षण, नौकरी और रोजगार के मुद्दे को समझाया कि कैसे देश में नए रोजगार लाने की जरूरत है.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मेरे रोजगार वाले बयान को मीडिया ने तोड़-मरोड़कर पेश किया. मैं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण देने का समर्थक हूं, लेकिन आरक्षण नौकरी की गारंटी नहीं है. क्योंकि नौकरी अलग मुद्दा है. देश में जब तक कंपनियां नहीं होंगी तब तक लोगों को नौकरियां कैसे मिलेगी. इसलिए सरकार देश में नए उद्योग स्थापित करने पर काम कर रही है.
उन्होंने बताया कि हम इनोवेशन के जरिये नई नौकरियां पैदा करेंगे. इसके लिए हम इथेनॉल, वॉटर ट्रांसपोर्टेशन, जेट्रोफा ऑइल के प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं. इथेनॉल आने वाले समय में पेट्रोल का पर्याय होगा. इसे बनाने के लिए हम उद्योगों पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा सीप्लेन, नदियों के जरिये वॉटर ट्रांसपोर्टेशन जैसे लॉजिस्टिक्स पर काम कर रहे हैं. यदि ये प्रोजेक्ट शुरू होते हैं तो रोजगार लोगों को मिलेगा.
गडकरी ने बताया नौकरी और रोजगार में क्या है अंतर...
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मेरे रोजगार वाले बयान के गलत मतलब निकाले जाते हैं. सही बात तो यह है कि नौकरी और रोजगार में अंतर है. हम किसी कंपनी में काम करते हैं तो वो नौकरी हुई और रोजगार खुद भी किया जा सकता है. इसलिए मैं युवाओं से यह लगातार अपील भी कर रहा हूं कि एंटरप्रेन्योर बने और लोगों को नौकरियां दें. हम चाहते हैं कि युवा नए आयडिया के साथ उद्योग लगाए. हमारे पास कई उद्योग लगाने के रास्ते हैं.
इनोवेशन से बढ़ेंगे उद्योग...
नितिन गडकरी ने कहा कि जॉब क्रिएट करने के लिए इनोवेशन चाहिए. सरकार के आरक्षण देने के बाद नौकरियों को बढ़ाना पड़ेगा. यह केवल पब्लिक सेक्टर से नहीं होगा. प्राइवेट सेक्टर को भी आगे बढ़ाना पड़ेगा. एक्सपोर्ट बढ़ाना होगा. प्रोडक्शन बढ़ाना तभी जाकर नई नौकरियां लोगों को मिलेगी.