Advertisement

श्रीलंका में फिर से सरकार बना सकते हैं महिंदा राजपक्षे, पीएम मोदी ने फोन पर दी बधाई

श्रीलंका में आम चुनाव को लेकर बुधवार को वोटिंग हुई थी. चुनाव नतीजों में महिंदा राजपक्षे की पार्टी जीत की ओर अग्रसर है. इसी वजह से पीएम मोदी ने उनको फोन कर बधाई दी.

प्रधानमंत्री मोदी ने महिंदा राजपक्षे से की बात (फाइल फोटो: PTI) प्रधानमंत्री मोदी ने महिंदा राजपक्षे से की बात (फाइल फोटो: PTI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 11:21 PM IST

  • SLPP के आसपास नहीं दिख रही कोई पार्टी
  • राजपक्षे परिवार का संसदीय सीटों पर कब्जा

पड़ोसी देश श्रीलंका के संसदीय चुनाव की काउंटिंग के शुरुआती रुझान वहां के पीएम महिंदा राजपक्षे की पार्टी एसएलपीपी को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है. जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने श्रीलंकाई समकक्ष महिंदा राजपक्षे को फोन कर उनकी चुनावी जीत के लिए बधाई दी है. फोन पर दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने इस बारे में ट्वीट भी किया.

Advertisement

राजपक्षे ने ट्वीट कर किया पीएम मोदी का थैंक्स

महिंदा राजपक्षे ने ट्वीट कर पीएम मोदी को जीत की बधाई देने के लिए धन्यवाद किया. अपने ट्वीट में महिंदा ने लिखा, "पीएम नरेंद्र मोदी जी आपके बधाई वाले फोन के लिए धन्यवाद. श्रीलंका के लोगों के मजबूत समर्थन के साथ हम दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को और बढ़ाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. श्रीलंका और भारत संबंधी और मित्र हैं.

यह भी पढ़ें: राम मंदिर पर PAK की टिप्पणी पर भारत का जवाब- आतंक फैलाने वाला देश, अपने घर में झांके

पीएम मोदी ने ट्विटर पर फिर दी बधाई

राजपक्षे के ट्वीट के बाद पीएम मोदी ने एक बार फिर ट्विटर पर भी उन्हें जीत की बधाई दी. राजपक्षे के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, "धन्यवाद प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे! आपसे बात करके खुशी हुई. एक बार फिर बहुत-बहुत बधाई. हम द्विपक्षीय सहयोग के सभी क्षेत्रों को आगे बढ़ाने और अपने विशेष संबंधों को हमेशा नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए मिलकर काम करेंगे."

Advertisement

श्रीलंका में वापस सरकार बना सकती है राजपक्षे की पार्टी

यहां आपको बता दें कि काउंटिंग के शुरुआती रुझान बताते हैं कि संसदीय चुनाव में यह पार्टी अन्य दलों का सूपड़ा साफ कर सकती है. गुरुवार सुबह शुरू हुई वोट काउंटिग से ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं. श्रीलंका की अन्य पार्टियों की तुलना में एसएलपीपी को ज्यादा वोट मिलते दिख रहे हैं. दक्षिण इलाके के पांच क्षेत्रों के रिजल्ट घोषित हो चुके हैं जिनमें 60 फीसदी वोट एसएलपीपी को मिले हैं. दक्षिण का यह पूरा इलाका सिंहला समुदाय का गढ़ माना जाता है.

यह भी पढ़ें: नस्लवाद के खिलाफ संगकारा का संदेश- बच्चों को वास्तविक इतिहास पढ़ाओ

यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) चौथे स्थान पर सरकती दिख रही है. यह बिल्कुल नई पार्टी है और जिसे पूर्व राष्ट्रपति उम्मीदवार सजीत प्रेमदासा ने बनाया था. यूएनपी से ज्यादा अच्छा मार्क्सवादी जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) करती दिख रही है. बता दें, जेवीपी श्रीलंका की सबसे पुरानी पार्टी है.

उत्तर में तमिल अल्पसंख्य समुदाय का कब्जा है. यहां की मुख्य तमिल पार्टी ने जाफना पोलिंग डिविजन में जीत हासिल की है. जबकि राजपक्षे की गठबंधन वाली पार्टी ईलम पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (ईपीडीपी) ने दूसरे जाफना पोलिंग डिविजन में तमिल नेशनल एलायंस (टीएनए) को पराजित किया है.

Advertisement

गौरतलब है कि श्रीलंका में बुधवार को संसदीय चुनाव हुए थे. गुरुवार सुबह वोटों की गिनती शुरू हुई है. वोटों की गिनती शुरू होते ही एसएलपीपी के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक बासिल राजपक्षे ने कहा कि उनकी पार्टी अगली सरकार बनाने जा रही है. बासिल राजपक्षे राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के छोटे भाई हैं और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे से बड़े हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement