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रेहड़ी-पटरी वालों के लिए आई स्वनिधि योजना, मोदी बोले- 50 लाख लोगों को होगा फायदा

पीएम मोदी ने एक ट्वीट में लिखा, "देश में पहली बार सरकार ने रेहड़ी-पटरी वालों और ठेले पर सामान बेचने वालों के रोजगार के लिए लोन की व्यवस्था की है. ‘पीएम स्वनिधि’ योजना से 50 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा."

मोदी कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले मोदी कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 01 जून 2020,
  • अपडेटेड 8:47 PM IST

  • योजना से आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति
  • संकट के समय नए सिरे से शुरू होगा कारोबार

केंद्र सरकार की सोमवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर जानकारी दी है. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, 'देश में पहली बार सरकार ने रेहड़ी-पटरी वालों और ठेले पर सामान बेचने वालों के रोजगार के लिए लोन की व्यवस्था की है. ‘पीएम स्वनिधि’ योजना से 50 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा. इससे ये लोग कोरोना संकट के समय अपने कारोबार को नए सिरे से खड़ा कर आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देंगे.'

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प्रधानमंत्री ने कहा, आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने के लिए हमने न केवल MSMEs सेक्टर की परिभाषा बदली है, बल्कि इसमें नई जान फूंकने के लिए कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है. इससे संकटग्रस्त छोटे और मध्यम उद्योगों को लाभ मिलेगा, साथ ही रोजगार के अपार अवसर सृजित होंगे. 'जय किसान' के मंत्र को आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट ने अन्नदाताओं के हक में बड़े फैसले किए हैं. इनमें खरीफ की 14 फसलों के लिए लागत का कम से कम डेढ़ गुना एमएसपी देना सुनिश्चित किया गया है. साथ ही 3 लाख रुपये तक के शॉर्ट टर्म लोन चुकाने की अवधि भी बढ़ा दी गई है.

बता दें, सोमवार की कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. इसमें कृषि, मजदूरी से लेकर छोटे उद्योगों के लिए कई बड़े फैसले हुए. बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि रेहड़ी पटरी वालों की योजना को एक नया नाम दिया गया है. अब यह योजना पीएम स्वनिधि योजना के नाम से जानी जाएगी जो मुख्य रूप से रेहड़ी पटरी वालों के लिए समर्पित होगी.

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प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि एमएसएमई की परिभाषा तो बदली ही गई है, अब इसकी परिभाषा का दायरा भी बढ़ाया गया है. एमएसएमई में ये संशोधन 14 साल बाद हुए हैं. 20 हजार करोड़ रुपये के अधीनस्थ कर्ज के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इसी के साथ 50 हजार करोड़ के इक्विटी निवेश को भी मंजूरी दी गई है.

ये भी पढ़ें: कोरोना से जंग में मोदी सरकार का एक्शन प्लान, किसान-MSME पर बड़े ऐलान

नितिन गडकरी ने कहा कि एमएसएमई को लेकर दो फंड बनाए गए हैं. पहला डिस्ट्रेस एसेसमेंट फंड जिसमें 4 हजार करोड़ का प्रावधान है जबकि दूसरे को फंड ऑफ फंड्स कहा गया है जो 50 हजार करोड़ रुपये का है. इन दोनों शेयरों को बहुत जल्द शेयर मार्केट में सूचीबद्ध किया जाएगा.

नितिन गडकरी ने कहा कि एमएसएमई अभी कठिन दौर से गुजर रहा है. देश में 6 करोड़ एमएसएमई हैं जिनमें 11 करोड़ से ज्यादा लोगों को नौकरी मिली है. उन्होंने कहा, एमएसएमई की मजबूती से निर्यात बढ़ेगा. 25 लाख एमएसएमई के पुनर्गठन की उम्मीद है. मजबूत एमएसएई के 15 फीसदी इक्विटी खरीदने की योजना है. कमजोर उद्योगों को उबारने के लिए 4 हजार करोड़ का फंड दिया गया है.

गडकरी ने कहा कि एमएसएमई के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं. एमएसएमई से 6 करोड़ छोटे कारोबारी जुड़े हैं, जिन्हें इस योजना से बड़ा लाभ मिलेगा. 2 लाख एमएसएमई नए फंड से फिर शुरू हो जाएंगे.

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