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राहुल ने मांगे संसद में 15 मिनट, BJP ने वीडियो शेयर कर की खिंचाई

पार्टी ने राहुल का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें राहुल के संसद में अलग-अलग मौकों पर दिए गए भाषणों की ऐसी क्लिपिंग हैं, जिनमें उनसे गलतियां हुई हैं.

राहुल गांधी राहुल गांधी
राहुल विश्वकर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 24 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 3:52 PM IST

राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में संविधान बचाओ रैली के दौरान फिर से दोहराया कि उन्हें संसद में बोलने के लिए 15 मिनट का वक्त दिया जाए तो वे ऐसा भाषण देंगे कि पीएम मोदी खड़े नहीं रह पाएंगे. बीजेपी ने राहुल के इस बयान पर उनकी खिंचाई की है. पार्टी ने राहुल का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें राहुल के संसद में अलग-अलग मौकों पर दिए गए भाषणों की ऐसी क्लिपिंग हैं, जिनमें उनसे गलतियां हुई हैं.

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एक मिनट 42 सेकेंड के इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर करते हुए बीजेपी ने लिखा है कि राहुल जी हम भी चाहते हैं कि आप संसद में बोलें. आखिर हम इस मजे से कैसे वंचित रह सकते हैं. इस वीडियो में मजाकिया अंदाज में संसद में बोलने के दौरान राहुल की जुबान फिसलती दिखाई गई है. कभी राहुल गलती से स्पीकर मैडम कह जाते हैं, जिसके लिए वे फौरन सॉरी बोलते हैं तो कभी राहुल गलती से पेट्रोल पर चर्चा के दौरान पेट्रोल को 35 डॉलर की जगह 35 रुपये प्रति बैरल बोल जाते हैं. एक बार वे मनरेगा को नरेगा बोलते हैं. याद दिलाने पर वे पूरा नाम भी नहीं बोल पाते और कहते हैं महात्मा गांधी योजना.

राहुल गांधी पर चुटकी लेने का बीजेपी कोई मौका नहीं छोड़ती है. अब 15 मिनट की मांग पर भी  बीजेपी हमलावर हो गई है. भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा का कहना है कि जो 15 लाइन लिख नहीं सकता वो 15 मिनट बोलेगा कैसे? वहीं बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी राहुल गांधी पर तंज करते हुए कहा था  “विनाशकाले पप्पू बुद्धि”.

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में सोमवार को ही राहुल गांधी ने करीब 30 मिनट के अपने भाषण में 17 बार प्रधानमंत्री का नाम लिया था. उन्होंने सीधी चुनौती दी कि संसद में मेरे 15 मिनट के भाषण के सामने मोदी जी टिक नहीं पाएंगे.

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राहुल के इस चैलेंज से एक दिन पहले ही अमित शाह ने बीजेपी कार्यकर्तांओं से कसम मांगी थी. उन्होंने अगले 50 साल तक भारत में बीजेपी का राज रहने की चाहत जताई थी. यह लड़ाई वक्त की मियाद से शुरू हुई है, लेकिन दिलोदिमाग में सिर्फ 2019 आम चुनाव की जंग है जिसकी बुनियाद मजबूत करने की कवायद अभी से परवान चढ़ रही है. बहरहाल 2019 में कांग्रेस के सामने अपना वजूद बचाने की समस्या है तो बीजेपी के सामने अपने दायरे को और बड़ा करने की चुनौती है.

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