
अवमानना केस में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने राहुल की माफी को मंजूर करते हुए अवमानना केस नहीं चलाने का आदेश दिया. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को चेतावनी भी दी.
राहुल गांधी को चेतावनी देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक मसलों में कोर्ट को न घसीटें. नेताओं को जिम्मेदारी से बयान देना चाहिए. भविष्य में राहुल गांधी कोर्ट के फैसलों या तर्कों को तोड़-मरोड़कर न पेश करें.
भविष्य में सावधानी बरतें राहुल गांधी
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बिना आदेश को पढ़े राहुल गांधी ने अपने बयान को बार-बार दोहराया. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए. कोर्ट को राजनीतिक मसलों में नहीं घसीटना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी ने हलफनामा दायर कर माफी मांगी है. हम राहुल के माफी को मंजूर करते हैं और अवमानना केस नहीं चलाने का आदेश देते हैं, लेकिन राहुल को भविष्य में सावधानी बरतनी चाहिए.
बीजेपी बोली- सत्यमेव जयते
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने स्वागत किया. कर्नाटक बीजेपी ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने राफेल से जुड़ी सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है. साथ ही राहुल गांधी को भाषा पर ध्यान देने और भविष्य में अधिक सावधान रहने की भी चेतावनी दी. कोर्ट का फैसला आम जनता और पीएम नरेंद्र मोदी की जीत है. सत्यमेव जयते.'
क्या है मामला
10 अप्रैल 2019 को अमेठी में राहुल गांधी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि चौकीदार चोर है. इसके बाद 12 अप्रैल को राहुल गांधी के बयान के खिलाफ बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की. 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को उनके बयान पर जवाब तलब किया.
22 अप्रैल को राहुल गांधी ने कोर्ट से कहा कि चुनावी रैलियों के दौरान बगैर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ठीक से देखे, गलती से बयान दे दिया, इस बयान के लिए खेद है. 23 अप्रैल को राहुल गांधी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना का नोटिस जारी किया.