
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की मंगलवार को एसवाईएल (सतलुज-यमुना लिंक) मुद्दे पर बैठक होगी. दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में मौजूद रहेंगे.
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों को बातचीत करने को कहा था. इसी में केंद्र सरकार को मध्यस्थता करने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने बातचीत के लिए 3 सप्ताह का समय दिया है. मंगलवार को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री बातचीत करेंगे. बातचीत की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में रखी जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया है कि दोनों राज्य सरकारों (हरियाणा सरकार और पंजाब सरकार) के संपर्क में है और मुद्दा सुलझाने के लिए बातचीत चल रही है. सुप्रीम कोर्ट कहा था कि चार महीनों का वक्त लेकर मामले को सुलझा लिया जाए. वहीं हरियाणा सरकार का कहना है कि इस मामले में एक निश्चित अवधि तय होनी चाहिए. ऐसा न हो कि ये मामला अनंत काल तक चलता रहे.
क्या है मामला
जल के बंटवारे को लेकर साल 2018 में हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट गई. उसने अदालत से अनुरोध किया कि सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर पर पंजाब के साथ जारी मतभेद पर जल्दी सुनवाई की जाए. यह मामला पूर्व चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए.एम. खानविलकर और जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की बेंच के समक्ष उठाया गया. 11 जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एसवाईएल मुद्दे पर उसके फैसले का सम्मान करना और उसे लागू करना पंजाब और हरियाणा के लिए अनिवार्य है.