Advertisement

समलैंगिकता वैध, लेकिन धारा 377 के तहत क्राइम ही माने जाएंगे ये एक्ट

समलैंगिकता के मुद्दे पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस रोहिंटन नरीमन, एएम खानविल्कर, डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा की संवैधानिक पीठ ने फ़ैसला सुनाया.

समलैंगकिता अपराध नहीं... समलैंगकिता अपराध नहीं...
मोहित ग्रोवर
  • नई दिल्ली,
  • 06 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 1:23 PM IST

भारत में दो वयस्कों के बीच सहमति से बनाए गए संबंध अब किसी तरह का कानूनी अपराध नहीं होंगे. सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए धारा 377 के तहत समलैंगिक संबंध के प्रावधानों को गैरकानूनी करार दिया. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि समलैंगिक व्यक्तियों को भी सम्मान से जीने का अधिकार है, सभी को एक ही नज़र से देखना चाहिए.

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश में समझने वाली बात है कि धारा 377 को पूरी तरह से खत्म नहीं किया गया है. क्योंकि धारा 377 में सिर्फ दो वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंध ही नहीं बल्कि अन्य कई मसले भी आते हैं.

क्या थी धारा 377?

दरअसल, IPC की धारा 377 को तहत समलैंगकिता को अपराध माना गया था. इसके तहत कई तरह के संबंधों को अपराध माना गया था. इसके तहत दो समान लिंगों वाले व्यक्ति अगर संबंध बनाते हैं तो वह अपराध होगा. इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति पशुओं या बच्चों के साथ अप्राकृतिक संबंध बनाता है तो वह भी अपराध होगा.

इसके तहत दस साल की सजा से लेकर आजीवन कारावास से दंडित किए जाने का प्रावधान है. वहीं इसके तहत जुर्माना भी लगाया जाएगा. यह अपराध संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है और यह गैर जमानती भी है.

Advertisement

अब क्या होगा...?

अभी भी अगर कोई व्यक्ति जानवर, बच्चों से किसी प्रकार का अप्राकृतिक संबंध बनाता है तो उसपर धारा 377 के तहत ही मामला दर्ज किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ दो व्यस्कों के बीच बनने वाले समलैंगिक संबंधों को सही ठहराया है.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा...

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि गे, लेस्बियन, बाय-सेक्सुअल, ट्रांसजेंडर को अन्य नागरिकों के समान जीने का अधिकार है. उन्हें भी इज्जत के साथ जीने का हक है, वह किसी तरह का अपराध नहीं कर रहे हैं. समाज को पूर्वाग्रहों से मुक्त होना चाहिए. हर बादल में इंद्रधनुष खोजना चाहिए. उ

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement