
तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले के नीमिल गांव में मंगलवार को एक सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान 6 मजदूरों की मौत हो गई. सभी की मौत जहरीली गैस की चपेट में आ जाने के कारण हुई. पुलिस मुख्यालय को मिली रिपोर्टों के अनुसार, ये सभी मजदूर कांचीपुरम के श्रीपेरंबदूर में एक सेप्टिक टैंक की सफाई का काम कर रहे थे. सफाई के लिए पहले 4 लोग टैंक की सफाई करने अंदर गए. जब वो लोग काफी देर तक बाहर नहीं आए तो 2 अन्य लोग उनकी मदद के लिए भीतर गए, लेकिन वे भी टैंक से बाहर नहीं आ पाए
अपार्टमेंट की सफाई करने के दौरान हुआ हादसा
ये हादसा श्रीपेरंबदूर के नेमली इलाके में स्थित एक रिहाइशी सोसायटी के पास हुआ. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड और पुलिस को इसकी सूचना दी. मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने सभी मजदूरों के शव को टैंक से बाहर निकलवाया. विभाग के कर्मचारियों ने मजदूरों के शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया. इनमें से एक ही परिवार के 3 सदस्य थे. मजदूरों को इमारत के मालिक कृष्णामूर्ति ने टैंक की सफाई के लिए काम पर लगाया था. लेकिन कृष्णमूर्ति मजदूरों का हाल लेने के दौरान टैंक में फिसल कर गिर गए. उनकी चीख सुनकर उनके बेटे ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वो भी टैंक की जहरीली गैस की चपेट में आ गया. उसकी भी वहीं पर मौत हो गई.
कृष्णमूर्ति का दूसरा बेटा और उसके बाद तीन अन्य लोग भी उसे बचाने के चक्कर में जहरीली गैस की चपेट में आ गए. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी हैं. बता दें कि तमिलनाडु में हुई घटना से पहले भी कई बार देश के अलग-अलग हिस्सों में सीवर की सफाई करने के दौरान कई मजदूरों की दम घुटने के कारण जान जा चुकी है.
अभी हाल ही में बनारस में दो मजदूरों की सीवर सफाई के दौरान हुई मौत के बाद यूपी में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से इस घटना के संबध पर जवाब भी मांगा था.