Advertisement

येचुरी ने कहा- मैच फिक्सिंग में शामिल हैं बीजेपी-टीएमसी

हाल ही में सामने आए तृणमूल कांग्रेस के 11 नेताओं द्वारा पैसे लिए जाने का स्टिंग ऑपरेशन वामपंथी दलों और ममता बनर्जी की टीएमसी के बीच तीखी बहस का मुद्दा बना. बुधवार को राज्यसभा में सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने ये मुद्दा उठाया और संसद की इथिक्स कमेटी से इसकी जांच करवाए जाने की मांग की.

सीपीएम नेता सीताराम येचुरी सीपीएम नेता सीताराम येचुरी
सबा नाज़
  • नई दिल्ली,
  • 16 मार्च 2016,
  • अपडेटेड 2:17 PM IST

हाल ही में सामने आए तृणमूल कांग्रेस के 11 नेताओं द्वारा पैसे लिए जाने का स्टिंग ऑपरेशन वामपंथी दलों और ममता बनर्जी की टीएमसी के बीच तीखी बहस का मुद्दा बना. बुधवार को राज्यसभा में सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने ये मुद्दा उठाया और संसद की एथिक्स कमेटी से इसकी जांच करवाए जाने की मांग की.

सीताराम येचुरी ने कहा कि 'इस स्टिंग ऑपरेशन की जांच एथिक्स कमेटी को क्यों नहीं सौंपी जाती. अगर इस टेप के साथ छेड़छाड़ की गई है तो इसकी सच्चाई सामने आ जाएगी. इस टेप में टीएमसी और बीजेपी के नेताओं के बीच मैच फिक्सिंग की जा रही है.' उन्होंने कहा कि 'इससे ये बात साफ हो जाती है कि कोई उन सांसदों के खिलाफ सच सुनना ही नहीं चाहता जो रिश्वत लेते दिख रहे हैं. मैं सरकार से इस मामले की जांच के आदेश देने की मांग करता हूं.'

Advertisement

TMC की छवि खराब करने की कोशिश
दूसरी तरफ टीएमसी नेतका डेरेक ओ ब्रायन ने इस वीडियो की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है जिसे कोलकाता की एक स्थानीय न्यूज वेबसाइट पर दिखाया गया था. ब्रायन ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी पार्टी इस वीडियो के जरिए उनकी पार्टी के नेताओं की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा 'हम वीडियो पर सवाल नहीं नहीं उठाते पर इसकी सत्यता और इससे होने वाले फायदे का क्या. हम चाहते हैं कि पत्रकारों को हर तरह की खबर करने की आजादी हो लेकिन क्या इस वीडियो को बनाने वाला वाकई कोई पत्रकार था.'

स्टिंग ऑपरेशन में टीएमसी के कई नेता घूस लेते दिखे
इस स्टिंग ऑपरेशन में तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं को कथित तौर पर घूस लेते हुए दिखाया गया है. वेबसाइट ने पार्टी के 12 टॉप नेताओं की फुटेज जारी की है जिनमें कई सांसद, म्‍युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेयर, मंत्री और पुलिस अधिकारी शामिल हैं. स्टिंग में इन लोगों को कथित तौर पर फर्जी कंपनियों के प्रतिनिधियों से पैसे लेते हुए दिखाया गया है. 5, 10 और 20 लाख रुपये तक की रकम लेते हुए दिखाया गया है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement