
सुनंदा पुष्कर की मौत मामले में दिल्ली की अदालत ने कहा कि सुब्रह्मण्यम स्वामी ने पुष्कर के फोन से डेटा हटा दिए जाने की बात कही है. जिस पर जज ने डेटा हटा दिए जाने का कारण पूछा. लेकिन जांच अधिकारी से इस पर किसी तरह का जवाब नहीं मिल सका.
सुनंदा पुष्कर की मौत मामले में सुब्रह्मण्यम स्वामी के पुष्कर के फोन से डेटा डिलीट किए जाने की बात पर कोर्ट ने सवाल किया है कि ऐसा क्यों किया गया? जिसके लेकर जांच अधिकारी की तरफ से किसी तरह का जवाब नहीं मिलने पर अभियोजन पक्ष ने कहा कि वे मनीष चंद्रा के साथ जांच टीम के साथ इस पर चर्चा करेंगे. इस केस में गठित की गई दिल्ली पुलिस एसआईटी टीम के चंद्रा हेड हैं. अब मामले की अगली सुनवाई 24 मई को होगी.
बता दें कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर पर उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर को खुदकुशी करने के लिए लिए उकसाने और उनका मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप है. 17 जनवरी 2014 को दिल्ली के पांच सितारा होटल में शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी. मौत से एक दिन पहले कथित तौर पर सुनंदा पुष्कर और पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के बीच ट्विटर पर बहस हुई थी. वहीं इससे कुछ ही दिन पहले उन्होंने थरूर पर पाकिस्तानी पत्रकार के साथ अंतरंग संबंध होने के आरोप लगाए थे.
मामले में पिछले साल दिल्ली पुलिस की तरफ से शशि थरूर को आरोपी बनाते हुए कोर्ट में 3000 पन्नों की लंबी चार्जशीट दाखिल की गई. पुलिस ने 14 मई 2018 को थरूर के खिलाफ पत्नी को खुदकुशी के लिए उकसाने और क्रूरता से संबंधित भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत चार्जशीट दायर की. वहीं दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने चार्जशीट के आधार पर थरूर को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी माना है.
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के खिलाफ उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर से संबंधित मामले में याचिका दायर की थी. जिसको पहले ही अदालत खारिज कर चुकी है. इस याचिक में बीजेपी सांसद ने अतिरक्ति आरोप तय करने में अदालत की मदद करने और मामले में साक्ष्य विकृत करने के संबंध में दिल्ली पुलिस की निगरानी रिपोर्ट सामने लाने की मांग की थी. हालांकि इस पर थरूर के वकील और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने याचिका का विरोध किया, जबकि लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि मामले में तीसरे पक्ष को दखल नहीं देनी चाहिए क्योंकि यह एक आपराधिक मुकदमा है और मामला दिल्ली पुलिस और आरोपी के बीच का है.