
साल 2018 का दूसरा शुक्रवार देश की न्यायिक व्यवस्था में हमेशा याद किया जाएगा. किसी ने इस फ्राइडे को ब्लैक कह दिया तो किसी ने सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों के मीडिया से मुखातिब होकर न्यायिक प्रशासन पर सवाल उठाने के बाद कह दिया कि कुछ तो बात जरूर रही होगी. लेकिन इससे पहले जब सुप्रीम कोर्ट के जज जे. चेलमेश्वर के घर से इस ऐतिहासिक दिन की पटकथा लिखी जा रही थी, तब वहां का माहौल घर के कर्मचारियों के लिए भी चौंकाने वाला था.
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस जे चेलमेश्वर के आवास 4 तुगलक रोड पर स्टाफ को सुबह पौने ग्यारह बजे उनके बॉस की तरफ से एक संदेश आया. स्टाफ से करीब 30 लोगों के लिए चाय-पानी का इंतजाम करने को कहा गया. स्टाफ के लोग भी जस्टिस चेलमेश्वर का ये आदेश सुनकर थोड़ा हैरान हुए. उन्हें अंदाजा नहीं था कि क्या होने वाला है, लेकिन इतना जरूर समझ आ रहा था कि कुछ महत्वपूर्ण होने जा रहा है.
30 मिनट बाद 3 जजों के साथ पहुंचे जस्टिस चेलमेश्वर
स्टाफ को फोन करने के आधा घंटे बाद करीब 11.15 बजे जस्टिस चेलमेश्वर सुप्रीम कोर्ट के बाकी तीन जजों जस्टिस मदन भीमराव लोकुर, जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस कुरियन जोसेफ के साथ कोठी पर पहुंचे. तीन जजों के साथ कोठी पर पहुंचने के बाद जस्टिस चेलमेश्वर ने स्टाफ को बताया कि एक कॉन्फ्रेंस के लिए मीडिया को बुलाया गया है.
जस्टिस चेलमेश्वर का मैसेज पाने वाले स्टाफ मेंबर ने बताया, 'इसलिए हम कभी कोठी छोड़कर नहीं जाते, कुछ भी हो सकता है. हम लोगों को तो पता नहीं था हो क्या रहा है. चारों जज एक साथ आए. बाद में पता चला कि प्रेस कॉन्फ्रेंस है.'
11.30 बजे से लगने लगा मीडिया का तांता
जस्टिस चेलमेश्वर की कोठी पर करीब 11.30 बजे मीडियाकर्मी भी पहुंचने शुरू हो गए. इस दौरान लॉन में टेबल पर मीडिया के माइक लग गए.
दोपहर करीब 12.16 बजे चारों जज लॉन पहुंचे और शॉर्ट नोटिस पर आने के लिए शुक्रिया कहा. इसके बाद मीडिया के सामने चारों जजों ने जो खुलासे किए, उसने पूरे देश को चौंका दिया. मीडिया के एजेंडे बदल दिए और चर्चा सुप्रीम कोर्ट और न्यायिक व्यवस्था पर आकर टिक गई.
कोठी के स्टाफ मेंबर ने अखबार को ये भी बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद एक टीवी रिपोर्टर ने जस्टिस चेलमेश्वर का इंटरव्यू भी मांगा, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. मीडियाकर्मियों के लिए चाय, पानी और रसमलाई का इंतजाम किया गया था.