
पश्चिम बंगाल में जय श्रीराम पर मचा कोहराम खत्म होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है. अब तक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ से ममता बनर्जी को जय श्रीराम लिखकर पोस्टकार्ड भेजे जा रहे थे, अब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वंदेमातरम और जय बांग्ला लिखकर पोस्टकार्ड भेजे जा रहे हैं.
हल्ला, हंगामा, नारेबाजी और बमबाजी के बीच बंगाल में अब पोस्टकार्ड पॉलिटिक्स चल रही है. देशभर से ममता बनर्जी के लिए पोस्टकार्ड पर जयश्री राम लिखकर उनके आवास पर पोस्टकार्ड भेजे जा रहें. पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत के बाद बंगाल बीजेपी ने मंगलवार को बैठक की, और ममता बनर्जी पर तीखा वार किया.
केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बीजेपी के 'जय श्रीराम' नारे पर नाराजगी भरी प्रतिक्रिया तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा है. उन्होंने कहा, "जय श्रीराम' का उच्चारण करना लोगों की पसंद है और कई बार नारे विरोध के मुहावरे बन जाते हैं. अगर उन लोगों ने 'अल्लाह हू अकबर' का उच्चारण किया होता तो क्या दीदी उनका पीछा करतीं या वह प्यार से उनके इफ्तार में शामिल होतीं. यह पूरी चीज तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा है."
बहरहाल, बीजेपी वालों के नक्शे कदम पर चलते हुए टीएमसी वालों ने भी पोस्टकार्ड दांव ही खेला है. पश्चिम बंगाल के दमदम में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने भी पोस्टकार्ड पर लिखा वंदे मातरम, जय हिंद और जय बांग्ला. ये पोस्टकार्ड टीएमसी वालों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पते पर भेज दिया है.
मतलब नारेबाजी दोनों तरफ से, हिंसा दोनों तरफ से, दफ्तरों पर कब्जा करने कवायद दोनों तरफ से, आरोप प्रत्यारोप दोनों तरफ से, और अब पोस्टकार्ड पॉलिटिक्स दोनों तरफ से. उधर ममता बनर्जी आरोप लगा रही हैं कि जयश्री राम के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है, इधर केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो कह रहे हैं कि ममता बनर्जी ने उनका मोबाइल नंबर सर्कुलेट कर दिया है और उन्हें फोन करके टीएमसी कार्यकर्ता अभद्रता कर रहे हैं.
बीजेपी जयश्री राम के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल कि सियासी जमीन को गर्म रखने में कोई कसर नहीं छोड़ रही. बदली सियासी फिजा में ममता इसे जय सिया राम बनाम जय श्रीराम में इस लड़ाई को बदलने में लग गयी हैं.