
प्रयागराज में इस बार का कुंभ अपनी भव्यता के लिए जाना जा रहा है. दुनियाभर से श्रद्धालु आस्था के इस संगम में डुबकी लगाने आ रहे हैं. इसी के मद्देनजर यहां सुविधाएं भी हाईटेक की गई हैं. कुंभ क्षेत्र में एक 'टॉयलेट कैफेटेरिया' बनाया गया है जो सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इस कैफे में बैठने के लिए टॉयलेट की शक्ल में कुर्सियां लगाईं गए हैं, साथ ही अलग-अलग संदेशों के जरिए टॉयलेट के महत्व को भी बताया गया है.
'टॉयलेट कैफेटेरिया' में पत्थर पर शीशा रखकर डायनिंग टेबल के लगाई गई है और इस टेबल पर भी पेंटिंग की गई है. साथ ही चारों ओर कुर्सियां लगाईं गई हैं जो कि टॉयलेट शीट (कमोड) पर शीशा रखकर तैयार हुई हैं. सभी कुर्सियों के पीछ टॉयलेट क्लीनर का एक डब्बा भी रखा गया है जो कि स्वच्छता का संदेश देता दिख रहा है. इसके अलावा हाथ धोने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले गंदे पानी के संग्रहण और पीने के पानी के महत्व को भी तरह-तरह के संदशों के जरिए बताया गया है.
प्रयागराज में आयोजित इस कुंभ के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने खास इंतजाम किए हैं. इस बार के कुंभ के लिए करीब 4200 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है जो कि साल 2013 के कुंभ के मुकाबले तीन गुना ज्यादा है. कुंभ में करीब 12 करोड़ श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान है. यह भारत में अब तक का सबसे महंगा कुंभ है और बजट की तुलना में आज तक कुंभ में इतना पैसा खर्च नहीं किया गया है.
कुंभ मेले की शुरुआत 15 जनवरी को शाही स्नान के साथ हो गई है जो कि 4 मार्च तक चलेगा. कुंभ क्षेत्र करीब 32 वर्ग किमी तक फैला हुआ है. इस बार तकनीक के जरिए भी यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाएं मुहैया कराई गईं हैं. कुंभ आने वाले बच्चे लापता न हो इसके लिए यूपी पुलिस ने आरएफ आईडी की व्यवस्था की है. यह आईडी लापता होने वाले बच्चों की खोजबीन में मदद करेगा. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरे कुंभ की निगरानी भी की रही है.