
केरल के वायनाड जिले में कूडलकडावु-पुलपल्ली रोड पर आदिवासी युवक माथन के साथ हुई अमानवीय घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. बताया जा रहा है कि माथन को पर्यटकों के दो गुटों के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश करना महंगा पड़ गया.
माथन ने कूडलकडावु में दो गुटों के बीच हो रहे झगड़े को रोकने की कोशिश की थी. एक गुट के लोगों ने कार का दरवाजा बंद कर उसकी उंगली फंसा दी और उसे करीब 400 मीटर तक सड़क पर घसीटते हुए ले गए. इसके बाद आरोपी उसे सड़क पर छोड़कर फरार हो गए. स्थानीय लोगों ने माथन को बचाया और तुरंत मणंथवाडी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया.
दलित युवक को बेरहमी से पीटा
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों गुटों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि पत्थरबाजी होने लगी. माथन ने झगड़े को रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसे अपनी कार में खींच लिया और घसीटते हुए ले गए. स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि आरोपी नशे में थे.
घटना के बाद अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओ.आर. केलू ने जिला पुलिस प्रमुख को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. मंत्री ने कहा कि घटना को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
इस मामले पर वायनाड सांसद प्रियंका गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने जिला कलेक्टर से जानकारी मांगी और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की.