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UIDAI ने चेताया- प्लास्टिक या लैमिनेटेड आधार कार्ड हो सकते हैं बेकार!

प्लास्टिक या लैमिनेटेड आधार कार्ड का इस्तेमाल करना आम लोगों के लिए न सिर्फ महंगा है बल्कि खतरनाक हो सकता है. यहां तक की उनकी निजी जानकारी भी लीक हो सकती है.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 7:31 PM IST

अगर आपके पास प्लास्टिक या लैमिनेटेड आधार स्मार्ट कार्ड है तो सावधान हो जाइए क्योंकि इसके जरिए इसका दुरुपयोग किया जा सकता है. कार्ड का QR कोड बंद हो सकता है या फिर आपकी जानकारी लीक हो सकती है.

यूआईडीएआई ने मंगलवार को लोगों को चेताया और सलाह दिया कि आधार के लिए प्लास्टिक या लैमिनेटेड आधार कार्ड का इस्तेमाल न किया जाए. उसने बताया कि प्लास्टिक या लैमिनेटेड आधार कार्ड से कभी भी QR कोड काम करना बंद कर सकता है या फिर आपकी निजी जानकार लीक हो सकती है.

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आधार अथॉरिटी यूआईडीएआई ने कहा कि आधार का कोई एक हिस्सा या मोबाइल आधार पूरी तरह से मान्य है.  

यूआईडीएआई ने बताया कि आधार स्मार्ट कार्ड को गैरआधिकारिक तौर पर प्रिंट कराना महंगा साबित हो सकता है. कई जगह इसकी कीमत 50 से लेकर 300 रुपये तक होती है. कहीं-कहीं इससे भी ज्यादा कीमत होती है. जिसकी कोई जरुरत नहीं है.

यूआईडीएआई ने कहा, "प्लास्टिक या पीवीसी आधार स्मार्ट कार्ड कई बार इस्तेमाल के काबिल नहीं रहते क्योंकि इसे किसी गैरआधिकारिक वेंडर या दुकान से प्रिंट कराए जाने से क्विक रिस्पॉन्स कोड यानी QR कोड के खराब होने का खतरा बना रहता है. ऐसे गैर-अधिकृत प्रिंटिंग से QR कोड काम करना बंद कर सकता है."

यूआईडीएआई की ओर से आगाह किया गया कि इसके साथ-साथ एक संभावना यह भी होती है कि आप की मंजूरी के बिना ही आपकी निजी जानकारी किसी और को मालूम हो जाए.' यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अजय भूषण पांडे ने कहा कि प्लास्टिक के आधार स्मार्ट कार्ड पूरी तरह से गैरजरूरी और व्यर्थ हैं. सामान्य कागज पर डाउनलोड किए गए आधार कार्ड या फिर मोबाइल आधार कार्ड पूरी तरह से मान्य है.  स्मार्ट या प्लास्टिक आधार कार्ड की ऐसी कोई योजना ही नहीं है.

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