
राजस्थान विधानसभा में राज्य मंत्री अविनाश गहलोत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर टिप्पणी को लेकर करीब एक हफ्ते से चल रहा गतिरोध गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया. सीएम भजनलाल शर्मा ने स्पीकर के कक्ष में स्पीकर वासुदेव देवनानी और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ बैठक की और मामले को सुलझाया. इसके साथ ही गोविंद सिंह डोटासरा समेत कांग्रेस के सभी 6 विधायकों के निलंबन को भी रद्द कर दिया गया.
गतिरोध समाप्त होने के बाद कांग्रेस विधायक सदन में आए और कार्यवाही में हिस्सा लिया. नेता प्रतिपक्ष जूली ने गतिरोध समाप्त करने की पहल करने के लिए सीएम शर्मा का आभार जताया. उन्होंने कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से स्पीकर के प्रति उनके आचरण और उनके लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों के लिए माफी भी मांगी. सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस तरह के गतिरोध, भले ही हों, लंबे समय तक नहीं चलने चाहिए.
दरअसल, राज्य मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा पिछले शुक्रवार को विधानसभा में की गई टिप्पणी को लेकर गतिरोध तब और बढ़ गया जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने स्पीकर वासुदेव देवनानी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी की. हाथों में तख्तियां लिए विपक्षी विधायकों ने अपने आवासों से विधानसभा परिसर की ओर मार्च किया और विधानसभा परिसर के बाहर बैठ गए. विधायकों ने नारेबाजी की और अविनाश गहलोत से उनकी टिप्पणी के लिए माफी मांगने की मांग की.
कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर मॉक 'प्रश्नकाल' भी आयोजित किया, जिसके दौरान विधायक घनश्याम को 'अध्यक्ष' बनाया गया जबकि अन्य सदस्य उनसे सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं के व्यवहार से संबंधित सवाल पूछते रहे.