केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला में राज्य में सीआरपीएफ के जवानों की कथित तैनानी को लेकर है. मुख्यमंत्री ममता ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को एक चिट्ठी लिखकर इस मामले पर नाराजगी जताई है.
ममता ने राजनाथ सिहं को लिखी चिट्ठी में कहा है कि बिना पूछे केंद्रीय बलों की तैयानी संघवाद के सिद्धातों के खिलाफ है. उनका आरोप है कि राज्य सरकार को जानकारी दिए बिना ही यह तैनाती की गई गई है. बता दें कि कुछ हफ्ते पहले ममता ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल में बिना राज्य सरकार को सूचना दिए सेना की तैनाती की गई थी.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने CRPF कर्मियों की तैनाती पश्चिम बंगाल में ऑपरेशन्स को अंजाम देने वाले इनकम टैक्स अधिकारियों को 'सुरक्षा' देने के लिए की गई है. ममता ने राजनाथ को भेजी चिट्ठी में लिखा है कि राज्य सरकार के संज्ञान में आया है केंद्रीय गृह मंत्रालय ने CRPF के 15 जवान उन इनकम टैक्स अधिकारियों और स्टाफ की सुरक्षा के लिए मुहैया कराए हैं जो पश्चिम बंगाल में ऑपरेशन्स को अंजाम देने के लिए तैनात हैं.
मुख्यमंत्री ममता ने चिट्ठी में केंद्रीय गृह मंत्रालय की उस शासकीय सूचना का हवाला भी दिया जिसमें पश्चिम बंगाल में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से चलाए जा रहे तलाशी और जब्ती के ऑपरेशन्स में CRPF की मदद मांगे जाने का जिक्र है. ममता के मुताबिक इस शासकीय सूचना में चैयरमैन, CBDT, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय ने CRPF के 15 सशस्त्र जवान इनकम टैक्स महानिदेशक (जांच) कोलकाता को उपलब्ध कराने का आग्रह किया है.
ममता ने राज्य में केंद्रीय बलों की इस तरह तैनाती को असंवैधानिक, गैर कानूनी और सहकारी संघवाद के सिद्दांतों के खिलाफ बताया है. उन्होंने लिखा कि केंद्रीय बलों को किसी राज्य में तभी भेजा जाना चाहिए जब वहां की सरकार इसकी मांग करे.
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने केंद्र को भरोसा भी दिलाया कि अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारी आग्रह करेंगे तो राज्य सरकार उन्हें सभी जरूरी मदद और सुरक्षा मुहैया कराएगी.