
तेलंगाना विधानसभा चुनाव की सियासी जंग फतह करने के लिए कांग्रेस ने टीडीपी, सीपीआई और टीजेएस के साथ मिलकर महागठबंधन बनाकर मैदान में उतरी हैं. महागठबंधन ने एक साझा एजेंडा जारी किया हैं. इन पार्टियों ने कहा है कि महागठबंधन को 'जन मोर्चा' के तौर पर जाना जाएगा.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एन उत्तम कुमार रेड्डी, टीडीपी के प्रदेश प्रमुख एल रमन, टीजेएस प्रमुख एम कोदानदरम और सीपीआई के प्रदेश प्रभारी सचिव पी वेंकट रेड्डी ने संयुक्त रूप से इस एजेंडे को जारी किया है.
एजेंडा में कहा गया है कि महागठबंधन के सत्ता में आने के बाद प्रशासनिक बदलाव करके टीआरएस के तानाशाह और भ्रष्ट शासन को खत्म कर देंगे. इसके अलावा कहा गया है कि पिछले चार साल के दौरान दिए गए बड़े ठेकों की न्यायिक जांच कराई जाएगी.
महागठबंधन ने किसानों के लिए दो लाख रुपए तक की एक बार में कर्ज माफी करने का वादा किया है. उत्तम कुमार रेड्डी ने उम्मीद जताई कि जन मोर्चा चुनाव के बाद सरकार बनाएगा.
एजेंडा में कहा गया है कि अलग तेलंगाना राज्य की लड़ाई लड़ने वालों को मान्यता दी जाएगी और सरकारी योजनाओं में भी साझेदार बनाया जाएगा. एजेंडा में यह भी कहा गया है कि शासन के पहले साल में एक लाख रोजगार दिए जाएंगे. अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए सच्चर कमेटी और सुधीर कमेटी की रिपोर्ट लागू करने का भी वादा किया गया है.
इस बीच, कांग्रेस के एक नेता ने यह जानकारी दी कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू सहित महागठबंधन के अन्य घटक दलों के नेता बुधवार को प्रदेश के खम्मम में एक संयुक्त रैली को संबोधित करेंगे.
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति की प्रचार समिति के अध्यक्ष एम भाटी विक्रमार्का ने सोमवार को खम्मम में पत्रकारों को बताया कि सीपीआई के महासचिव एस सुधाकर रेड्डी, टीजेएस के अध्यक्ष एम कोडानडरम और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सभा के लिए आमंत्रित किया गया है.