
तेलंगाना में हाल ही में किए गए जाति सर्वेक्षण (caste survey) के अनुसार राज्य की कुल 3.70 करोड़ आबादी में से 46.25 फीसदी संख्या पिछड़ी जातियों (OBC) की है, जो अन्य सभी वर्गों की तुलना में सबसे बड़ा समूह है.
राज्य योजना विभाग द्वारा किए गए इस सर्वे की रिपोर्ट रविवार को नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट उप-समिति को सौंपी गई. रेड्डी ने बताया कि यह रिपोर्ट 4 फरवरी को राज्य कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी और उसी दिन विधानसभा के विशेष सत्र में इस पर बहस होगी.
96.9% जनसंख्या को किया कवर
नागरिक आपूर्ति मंत्री रेड्डी ने इस सर्वेक्षण को ऐतिहासिक करार देते हुए बताया कि इसमें 3,54,77,554 व्यक्तियों (राज्य की 96.9% जनसंख्या) को शामिल किया गया. हालांकि 3.1% (करीब 16 लाख) लोग सर्वेक्षण से बाहर रह गए, क्योंकि वे इसमें भाग लेने के इच्छुक नहीं थे. रेड्डी ने कहा कि ये रिपोर्ट तेलंगाना सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है और यह सामाजिक इतिहास में दर्ज होगी. इसके माध्यम से राज्य के सबसे गरीब, कमजोर और हाशिए पर खड़े समुदायों को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक क्षेत्रों में अवसर मिलेंगे.
जातीय जनसंख्या में किसकी कितनी संख्या?
पिछड़ी जातियां (OBC)- 46.25%
अनुसूचित जातियां (SC)- 17.43%
अनुसूचित जनजातियां (ST)- 10.45%
मुस्लिम अल्पसंख्यकों में पिछड़ी जातियां- 10.08%
अन्य जातियां (OC)- 13.31%
मुस्लिम (OC)- 2.48%
कुल मुस्लिम आबादी: 12.56%
पिछड़ी जातियों की संख्या 1.64 करोड़ से ज्यादा
संख्या के लिहाज से पिछड़ी जातियों की संख्या 1,64,09,179 है, अनुसूचित जातियों की संख्या 61,84,319 है. अनुसूचित जनजातियों की संख्या 37,05,929 है. वहीं, मुस्लिम अल्पसंख्यकों में पिछड़ी जातियों की संख्या 35,76,588 है. वहीं मुस्लिम (ओसी) की संख्या 8,80,424 है.
कांग्रेस सरकार का चुनावी वादा
बता दें कि ये सर्वेक्षण कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चुनावी वादे के तहत किया गया था. इसे 6 नवंबर 2024 से 50 दिनों तक किया गया. तेलंगाना सरकार पिछड़ी जातियों की श्रेणी में मुस्लिम पिछड़ों को भी आरक्षण प्रदान करती है.