
तेलंगाना हाईकोर्ट ने रियल एस्टेट एजेंट प्रदीप रेड्डी बडवेलु की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें जिन्होंने जनवाड़ा में स्थित एक फार्महाउस को ध्वस्त करने से रोकने की मांग की थी. यह संपत्ति, जो विवादास्पद जी.ओ. 111 के अंतर्गत आती है, कानूनी चुनौती का विषय रही है. अब कोर्ट ने HYDRAA को G.O. 99 के अनुसार विध्वंस की कार्यवाही करने का निर्देश दिया है. साथ ही संपत्ति से संबंधित प्रस्तुत दस्तावेजों की भी समीक्षा की है.
दरअसल, फार्महाउस के स्वामित्व का दावा करने वाले प्रदीप रेड्डी ने अपनी संपत्ति पर HYDRAA द्वारा किसी भी विध्वंस गतिविधि को रोकने के लिए आदेश की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने तर्क दिया था कि G.O. 111 द्वारा शासित क्षेत्र में स्थित फार्महाउस को ऐसी कार्रवाइयों से छूट दी जानी चाहिए.
यह फैसला रेवंत रेड्डी से जुड़े एक पूर्व विवाद के बाद आया है, जिन्हें 2020 में साइबराबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था. तत्कालीन मलकाजगिरी के सांसद को हिरासत में लिया गया था और कथित तौर पर केटी रामा राव के स्वामित्व वाले जनवाड़ा में एक फार्महाउस की तस्वीरें लेने और फिल्मांकन करके गोपनीयता कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप में 14 दिनों के लिए न्यायिक रिमांड पर रखा गया था.
बता दें कि तब रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया था कि फार्महाउस का निर्माण ‘अवैध’ है क्योंकि इसे जमीन मालिकों को धमकाकर खरीदी गई ज़मीन पर बनाया गया है. उन्होंने इसे केटी रामा राव का फार्महाउस बताया था. फार्महाउस 25 एकड़ में फैला हुआ है और इसका निर्मित क्षेत्रफल एक लाख वर्ग फीट है. यह फार्महाउस जीओ 111 के दायरे में स्थित है जिसमें निर्माण की अनुमति नहीं है.