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फोन टैपिंग केस: गिरफ्तारी से बच रहे तेलंगाना के पूर्व खुफिया प्रमुख, अमेरिका में करवा रहे इलाज!

हैदराबाद पुलिस ने फोन-टैपिंग ऑपरेशन को अंजाम देने में कथित भूमिका के लिए पूर्व डिप्टी कमिश्नर राधा कृष्ण राव को गिरफ्तार किया था. उनसे 10 घंटे से अधिक पूछताछ की गई थी. जांच में अब तक कई प्रमुख अधिकारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं जिसमें डीएसपी प्रणीत राव और एएसपी भुजंगा राव और तिरुपथन्ना शामिल हैं.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
अब्दुल बशीर
  • हैदराबाद,
  • 29 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 3:55 PM IST

तेलंगाना के पूर्व खुफिया प्रमुख टी प्रभाकर राव कथित तौर पर इलाज की आड़ में अमेरिका में हैं. सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है. वह तेलंगाना फोन टैपिंग केस में एक प्रमुख व्यक्ति हैं. गिरफ्तारी से बच रहे प्रभाकर राव पर आरोप है कि जब भारत राष्ट्र समिति (BRS) सत्ता में थी तब वह विपक्षी नेताओं की फोन टैपिंग में शामिल थे. 

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पुलिस ने जारी किया है लुकआउट सर्कुलर

प्रभाकर राव पर पिछले साल विधानसभा चुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आने पर सबूत नष्ट करने की कोशिश करने का भी आरोप है. अधिकारियों को के. चंद्रशेखर राव (KCR) के कार्यकाल के राजनीतिक दिग्गजों को इस घोटाले से जोड़ने में राव की संलिप्तता का भी संदेह है. पुलिस ने हाल ही में प्रभाकर राव के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया था. 

कई प्रमुख अधिकारी गिरफ्तार

हैदराबाद पुलिस ने फोन-टैपिंग ऑपरेशन को अंजाम देने में कथित भूमिका के लिए पूर्व डिप्टी कमिश्नर राधा कृष्ण राव को गिरफ्तार किया था. उनसे 10 घंटे से अधिक पूछताछ की गई थी. जांच में अब तक कई प्रमुख अधिकारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं जिसमें डीएसपी प्रणीत राव और एएसपी भुजंगा राव और तिरुपथन्ना शामिल हैं.

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उनके खिलाफ एक लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात, सबूतों को गायब करने, आपराधिक साजिश रचने और आईपीसी, पीडीपीपी अधिनियम और आईटी अधिनियम 2000 की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

13 मार्च को गिरफ्तार हुए थे प्रणीत राव

प्रणीत राव को 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और बाद में तेलंगाना सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था. उनपर अज्ञात लोगों की प्रोफाइल विकसित करने, गुप्त रूप से उनकी निगरानी करने और कंप्यूटर सिस्टम और आधिकारिक डेटा को नष्ट करने का आरोप है. इससे पहले उन पर विपक्षी पार्टी के नेताओं के फोन टैप करने का आरोप लगा था.

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