Bundelkhand Expressway Inauguration: उत्तर प्रदेश के सबसे पिछड़े इलाके बुंदेलखंड को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़ने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट 'बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे' अब शुरू हो गया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इसका उद्घाटन किया. इससे पहले पीएम मोदी कानपुर पहुंचे थे, जहां सीएम योगी ने उनका स्वागत किया. रिकॉर्ड समय और अनुमानित लागत से कम खर्च में बने इस एक्सप्रेस-वे से न सिर्फ बुंदेलखंड के लोगों को देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंचने में सहूलियत होगी, बल्कि औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी.
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के बन जाने से चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर और जालौन के लोगों के लिए दिल्ली का सफर आसान हो जाएगा. इस एक्सप्रेस-वे पर 250 से ज्यादा छोटे पुल, 15 से ज्यादा फ्लाईओवर, 6 टोल प्लाजा और 12 से ज्यादा बड़े पुल और 4 रेल पुल बनाए गए हैं.
24 घंटे पुलिस पेट्रोलिंग और एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी. बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की लंबाई 296 किलोमीटर है. चार लेन चौड़े बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ अतिरिक्त जमीन भी है जिससे भविष्य में अगर गाड़ियों की आवाजाही बढ़े तो इसको चौड़ा कर 6 लेन तक बढ़ाया जा सके.
अभी तक चित्रकूट से दिल्ली पहुंचने में लगभग 700 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी. इसमें करीब 12 से 14 घंटे का समय लगता था. बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बन जाने के बाद ये दूरी सिर्फ 630 किलोमीटर ही रह जाएगी और समय भी बचेगा.
दावा किया जा रहा है कि सफर की दूरी घटने से एक्सप्रेस-वे के रास्ते चित्रकूट से दिल्ली तक का सफर केवल 6 घंटे में पूरा हो जाएगा. 296 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे पर लोगों की सहूलियत के लिए 4 जन सुविधा केंद्र बनाए गए हैं. इसके अलावा 4 पेट्रोल पंप भी बनाए जाएंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी-2020 में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था. इस परियोजना को फरवरी 2023 में पूरा होना था, लेकिन काम 8 महीने पहले ही पूरा हो गया.
ये एक्सप्रेस-वे 8 नदियों बागेन, केन, श्यामा, चन्दावल, बिरमा, यमुना, बेतवा और सेंगर से होकर गुजरता है. 6 हिस्सों में बने एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर 14,850 करोड़ रुपये का खर्च आया है.