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फेसबुक पर अपडेट रहता है फरार अपराधी, हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा- पकड़ने के लिए क्या किया?

हाई कोर्ट ने मेरठ के सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक सोम की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार से सवाल किया. अभिषेक सोम ने कहा कि बदन सिंह बद्दो को उम्रकैद की सजा मिली है, लेकिन पिछले साल 28 मार्च को वो फरार हो गया. उसे पकड़ने के प्रयास नहीं किए गए. 

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब (फाइल फोटो) इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 05 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 12:36 AM IST
  • हाई कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब
  • अभिषेक सोम की याचिका पर सुनवाई
  • 28 मार्च 2019 से फरार है बदन सिंह बद्दो

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि मेरठ से फरार ढाई लाख के इनामी सजायाफ्ता बदमाश बदन सिंह बद्दो की गिरफ्तारी के लिए अब तक क्या प्रयास हुए. कोर्ट ने प्रमुख सचिव (गृह) को इसके लिए व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है. 

हाई कोर्ट ने मेरठ के सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक सोम की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार से सवाल किया. अभिषेक सोम ने कहा कि बदन सिंह बद्दो को उम्रकैद की सजा मिली है, लेकिन पिछले साल 28 मार्च को वो फरार हो गया. उसे पकड़ने के प्रयास नहीं किए गए. 

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याचिका में अभिषेक का कहना है कि बदन सिंह बद्दो फरार होने के बाद से सोशल मीडिया पर अपना स्टेट्स लगातार अपडेट रखता है. फेसबुक पर भी पोस्ट डालता रहता है. उसकी गिरफ्तारी का कोई प्रयास नहीं किया गया है. यह भी आरोप है कि बद्दो के राजनीतिक संबंध होने के कारण भी उसकी गिरफ्तारी के प्रयास नहीं हो रहे हैं.

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मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रधान सचिव (गृह) को निर्देश दिया कि वे बदन सिंह बद्दो की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य द्वारा किए जा रहे प्रयासों का पूरा विवरण प्रस्तुत करें. 

राज्य सरकार की ओर से पेश स्टैंडिंग काउंसिल ने कहा कि फरार अपराधी को गिरफ्तार करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है. अदालत ने सभी तथ्यों को देखते हुए कहा कि उन सभी प्रयासों को जानना जरूरी है, जो इनामी बदमाश की गिरफ्तारी करने के लिए अब तक हुए हैं. इसलिए प्रमुख सचिव (गृह) यह बताएं कि अपराधी की गिरफ्तारी के लिए अब तक क्या-क्या प्रयास किए गए हैं. हाई कोर्ट ने याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 23 नवंबर की तारीख तय की है. 

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