Advertisement

PM मोदी ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में की पूजा, पुजारी ने पहनाया मुकुट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राम जन्मभूमि मंदिर का भूमिपूजन किया. पीएम मोदी अपनी अयोध्या यात्रा के दौरान सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचे और भगवान हनुमान का दर्शन किया.

हनुमानगढ़ी मंदिर में पीएम नरेंद्र मोदी हनुमानगढ़ी मंदिर में पीएम नरेंद्र मोदी
aajtak.in
  • अयोध्या,
  • 05 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 4:20 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राम जन्मभूमि मंदिर का भूमिपूजन किया. करीब 11 बजे पीएम मोदी का हेलिकॉप्टर साकेत कॉलेज में पहुंचा. इसके बाद उनका काफिला सीधे हनुमानगढ़ी में पहुंचा. पीएम नरेंद्र मोदी ने भगवान हनुमान का दर्शन किया और आशीर्वाद लिया. इस दौरान पीएम मोदी को पगड़ी और मुकुट पहनाया गया.

बताया जाता है कि भगवान राम ने हनुमानगढ़ी में विराजमान हनुमान जी को अयोध्या का राजा बनाया था. हनुमानजी एक गुफा में निवास कर रामजन्मभूमि और अयोध्या की रक्षा करते हैं. मान्यताओं के मुताबिक, भगवान राम ने कहा था कि जो भी भक्त अयोध्या में मेरे दर्शन के लिए आएगा उसे सबसे पहले हनुमान के दर्शन, पूजा और अनुमति लेनी होगी.

Advertisement

रामचरित मानस के सुंदरकांड में बताया गया है कि भगवान राम हनुमान को अपना सबसे प्रिय भक्त मानते है. इसी कारण से भगवान राम के दर्शन करने और उनकी कृपा पाने के लिए सबसे पहले उनके अनन्य भक्त बजरंगबली को प्रसन्न और आज्ञा लेनी पड़ती है. यही कारण है कि पीएम नरेंद्र मोदी सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचे और आशीर्वाद लिया.

भूमि पूजन करा रहे पुरोहित ने PM से संकल्प की दक्षिणा में क्या मांगा?

हनुमानगढ़ी से पीएम नरेंद्र मोदी का काफिला सीधे रामजन्मभूमि पहुंचा. उन्होंने रामलाल के सामने साष्टांग प्रणाम करने के बाद राम लला की पूजा की. राम लला को फूलों की माला पहनाई. पुष्प अक्षत और चंदन अर्पित किया और फिर रामलला की आरती भी उतारी. आरती के बाद पीएम मोदी ने राम लला की परिक्रमा भी है.

ये भी पढ़ें: Ram Mandir Bhumi pujan Live Updates: मोदी बोले- राम मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा

Advertisement

रामलला की आरती के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने पारिजात का पौधा भी लगाया. पारिजात पौधा लगाने के लिए पीएम मोदी के लिए खासतौर पर चांदी का फावड़ा बनवाया गया था. हिन्दू मान्यताओं के मुताबिक, पारिजात के फूल को भगवान हरि के श्रृंगार और पूजन में प्रयोग किया जाता है. ऐसी भी मान्यता है कि पारिजात को छूने मात्र से ही व्यक्ति की थकान मिट जाती है

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement