
मुरादाबाद कोर्ट में एक केस की पेशी के लिए पहुंचे पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने गुरुवार को राज्य सरकार पर तीखा तंज कसा. मीडिया से बात करते हुए आजम खान ने कहा कि बकरी का डकैत, मुर्गे का डकैत, भैंस का डकैत, किताबों का डकैत हाजिर है.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी का फाउंडर होना और बच्चों को कलम पकड़ाने का गुनाह है मेरा. मैं बच्चों को कलम हाथ में देना चाहता हूं और वो पेचकस देना चाहते हैं कि बच्चे गाड़ियां ही सही करे.
दरअसल एक मामले में आजम खान और उनके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने रास्ता जाम किया था और सरकारी कार्य में बाधा डाली थी, जिसमें एमपी एमएलए कोर्ट में उनका बयान रिकॉर्ड होना था.
इस मामले में अभियुक्त हाजी इकराम है, जिसकी तबीयत ठीक नहीं थी. इसी वजह से स्टेटमेंट अब 28 तारीख को रिकॉर्ड की जाएगी, क्योंकि सभी 9 अभियुक्त मौजूद नहीं थे इसलिए तारीख को आगे बढ़ा दिया गया.
वहीं कोर्ट से बाहर आने के बाद मीडिया के सामने आजम खान ने कहा, 'अंधा हूं, दिखता ही नहीं, बहरा हूं सुनाई नहीं देता, गूंगा हूं बोल नहीं सकता, लिहाजा एक अंधे-गूंगे-बहरे को राजनीति क्या दिखाई देगी.'
वहीं lulu mall के सवाल पर मजाकिया अंदाज में कहा, हमने नहीं देखा कोई लुलु मॉल न हम आज तक किसी मॉल में गए हैं. जो लोग जानते हैं उनसे पूछिए.
उन्होंने कहा, 'मैं किताबों का ऐसा डकैत हूं जो चार बार मंत्री, 9 बार एमएलए, असिस्टेंट प्रोफेसर, एक बार राज्यसभा का सदस्य रहा है. मेरे जिस बेटे ने गलगोटिया से एमटेक पास किया और दूसरी बार का एमएलए है उसके साथ मिलकर मंत्री रहते हुए शराब की दुकान मैंने लूटी, डाका डाला और 16,900 रुपये लूटकर ले गया.'
आजम खान ने कहा, वह देश की सरहदों की रखवाली कहां करेंगे, इंटेलिजेंस का क्या करेंगे, इंटेलिजेंस से मुझे फांसी पर चढ़ना है क्या?.
उन्होंने कहा, बकरी का डकैत मामूली कारण है, यूनिवर्सिटी का फाउंडर हूं इससे बड़ा कारण क्या हो सकता है. यही मेरा गुनाह है कि मैं हाथ में कलम देना चाहता हूं आप चाहते हैं बच्चे गाड़ियां सही करें, पंचर ठीक करें.