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Up By Election Results: अखिलेश से जो बन पड़ा किया, हार स्वीकार करता हूं... नतीजों पर बोले Dharmendra Yadav

धर्मेंद यादव ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता लगातार धमकाए जा रहे थे. पुलिस दबाव बना रही थी. हार के बाद बसपा पर निशाना साधते हुए धर्मेंद्र ने कहा कि अगर बीएसपी ने उपचुनाव से पहले राष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए प्रत्याशी का समर्थन किया होता, तब उन्हें पता चलता.

धर्मेंद्र यादव (File Photo) धर्मेंद्र यादव (File Photo)
समर्थ श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 26 जून 2022,
  • अपडेटेड 10:06 PM IST
  • आजमगढ़ से दिनेश लाल यादव निरहुआ ने जीत दर्ज की है
  • निरहुआ को 312768 धर्मेंद्र यादव को 304089 वोट मिले

उत्तर प्रदेश में लोकसभा उपचुनाव में भाजपा ने बंपर जीत दर्ज जीत की है. रामपुर और आजमगढ़ सीट भाजपा ने फतह कर ली है. आजमगढ़ से दिनेश लाल यादव निरहुआ ने जीत दर्ज की है. निरहुआ ने सपा प्रत्याशी और अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव को हराया है.

नतीजों के बाद धर्मेंद्र यादव ने अपनी हार स्वीकार की और आजकर से कहा कि अखिलेश ने अपनी कुछ मर्यादाएं बनाई थीं. अगर मैं आम कार्यकर्ता होता तो उनके ना आने पर मैं भी जिद पकड़ लेता. पर मैं उनका भाई भी हूं, मैं ऐसा नही कह सकता, उनसे जो हो सकता था उन्होंने किया. 

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धर्मेंद यादव ने आगे कहा कि हमारे कार्यकर्ता लगातार धमकाए जा रहे थे. पुलिस दबाव बना रही थी. हार के बाद बसपा पर निशाना साधते हुए धर्मेंद्र ने कहा कि अगर बीएसपी ने उपचुनाव से पहले राष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए प्रत्याशी का समर्थन किया होता, तब उन्हें पता चलता.

3 साल पहले अखिलेश से हारे थे निरहुआ

बता दें कि धर्मेंद्र यादव को चुनाव हराने वाले दिनेश लाल यादव निरहुआ तीन साल पहले 2019 के आम चुनाव में अखिलेश यादव ने बुरी तरह हारे थे. तब अखिलेश 2,59,874 वोटों से चुनाव जीते थे. अखिलेश को 621,578 और निरहुआ को 361,704 वोट मिले थे. चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार उपचुनाव में बीजेपी के निरहुआ को 312768 वोट मिले. जबकि सपा के धर्मेंद्र यादव को 304089 वोट मिले. गुड्डू जमाली को 266210 वोट मिले. चौथे नंबर पर 4732 वोट नोटा के खाते में आए. यहां निरहुआ 8500 से भी ज्यादा वोटों से चुनाव जीते हैं.

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नतीजों के बाद क्या बोले अखिलेश यादव?

नतीजों के बाद अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा के राज में लोकतंत्र की हत्या की क्रॉनॉलॉजी. नामांकन के समय चीरहरण, नामांकन निरस्त कराने का षड्यंत्र, प्रत्याशियों का दमन, मतदान से रोकने के लिए दल-बल का दुरुपयोग, काउंटिंग में गड़बड़ी, जन प्रतिनिधियों पर दबाव, चुनी सरकारों को तोड़ना, ये है आजादी के अमृतकाल का कड़वा सच!

नतीजों के बाद क्या बोलीं मायावती?

मायावती ने ट्वीट कर कहा कि उपचुनावों में ज्यादातर रूलिंग पार्टी ही जीतती है, फिर भी आज़मगढ़ लोकसभा उपचुनाव में बीएसपी ने सत्ताधारी भाजपा और सपा के हथकण्डों के बावजूद जो कांटे की टक्कर दी है, वह सराहनीय है. पार्टी के छोटे-बड़े सभी जिम्मेदार लोगों और कार्यकताओं को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ना है. उन्होंने आगे कहा कि यूपी के इस उपचुनाव परिणाम ने एकबार फिर से यह साबित किया है कि केवल बीएसपी में ही यहां भाजपा को हराने की सैद्धान्तिक और जमीनी शक्ति है. यह बात पूरी तरह से खासकर समुदाय विशेष को समझाने का पार्टी का प्रयास लगातार जारी रहेगा.

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