
इलाहाबाद हाई कोर्ट से इत्र कारोबारी पीयूष जैन को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने पीयूष जैन के ठिकानों से मिले करीब 200 करोड़ रुपये कैश के मामले में जमानत दे दी है. इससे पहले हाई कोर्ट जैन को 23 किलो गोल्ड की बरामदगी के मामले में जमानत दे चुका है. अब कारोबारी पीयूष जैन की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है.
इससे पहले पीयूष जैन को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 28 जुलाई को गोल्ड की बरामदगी मामले में एक करोड़ रुपये के मुचलके पर जमानत दी थी. इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर पर 23 दिसंबर 2021 की रात अहमदाबाद की डीडीजीआई टीम ने छापा डाला था, जहां से कई दिनों की सर्च के बाद 197 करोड़ की रकम बरामद हुई थी. पीयूष के कन्नौज वाले घर से 23 किलो सोना भी बरामद हुआ था. इसके बाद 27 दिसंबर को डीडीजीआई ने पीयूष को जेल भेज दिया.
जेल जाने के बाद लखनऊ की डीआरआई ने पीयूष के कन्नौज वाले घर से बरामद 23 किलो सोने को विदेशी बताकर अपनी तरफ से एफआईआर दर्ज की थी. तब से पीयूष कानपुर जेल में बंद है. उसके ऊपर डीडीजीआई और डीआरआई के केस चल रहे थे. पीयूष के परिजन उसकी जमानत के लिए बड़े-बड़े वकीलों के माध्यम से अदालत में पैरवी कर रहे थे.
ये कहा था पीयूष जैन ने
इतना ही नहीं, करोड़ों की काली कमाई के मामले में गिरफ्तार पीयूष जैन ने अदालत से मांग की थी कि मेरे ऊपर टैक्स चोरी और पेनाल्टी समेत 52 करोड़ रुपए का टैक्स बनता है. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) 52 करोड़ रुपए काटकर बाकी रकम मुझे वापस कर दे. इस संबंध में पीयूष जैन की ओर से कोर्ट में आवेदन दिया गया था.
सोना-कैश छिपाने के लिए बनाए थे बंकर
जो 23 किलो सोना मिला उस पर विदेशी मार्क था. DRI ने कोर्ट को बताया है कि पूछताछ में पीयूष जैन ने माना है कि उसने वह सोना बिना बिल या कागजात के खरीदा था. ये सोने के बिस्कुट कैश देकर बिना कोई टैक्स दिये खरीदे गए थे. DRI के वकील अंबरीश टंडन ने बताया कि पीयूष जैन ने 10-12 साल पहले अपने घर पर बंकर बनवाये थे ताकि पैसा और गोल्ड उनमें छिपा सके.