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नोएडा: सुपरटेक के ट्विन टावर गिराने में खर्च होंगे 7 करोड़! विदेशी एजेंसी से लेनी होगी मदद

सुपरटेक के ट्विन टावर को गिराने में 1-2 करोड़ नहीं बल्कि 5-7 करोड़ से भी ज्यादा खर्चा आने की संभावना जताई जा रही है. कंपनी के सामने चुनौती है कि इन टावरों को इस तरह से गिराया जाए कि आसपास की इमारतों को कोई नुकसान ना पहुंचे.

फाइल फोटो फाइल फोटो
तनसीम हैदर
  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 8:00 AM IST

नोएडा के सेक्टर-93ए में स्थित सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट हाऊसिंग सोसाइटी में बने दोनों अवैध टॉवरों को गिराने की कवायद शुरू हो गई है. सोमवार को सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट की टीम ने मौके पर आकर टॉवरों की जांच की. 

सीबीआरई ट्विन टॉवर को गिराने के लिए अमेरिका या यूरोप की किसी बड़ी एजेंसी से मदद लेगी. सीबीआरई के निदेशक और उनकी टीम ने बिल्डिंग का अध्ययन किया. इन दोनों टावरों के साथ-साथ आसपास की दूसरी रिहायशी इमारतों का स्ट्रक्चर, फाउंडेशन और सरियों के डिजाइन का भी प्लान मांगा है. 

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5-7 करोड़ आएगा खर्च 

जानकारी के मुताबिक, सुपरटेक के ट्विन टावर को गिराने में 1-2 करोड़ नहीं बल्कि 5-7 करोड़ से भी ज्यादा खर्चा आने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में कंपनी के सामने चुनौती है कि इन टावरों को इस तरह से गिराया जाए कि आसपास की इमारतों को कोई नुकसान ना पहुंचे. 

ड्रोन सर्वे की रिपोर्ट आना बाकी

ड्रोन से हुए सर्वे की रिपोर्ट अभी नहीं आई है. टावरों को गिराने के लिए ड्रोन सर्वे की रिपोर्ट संबंधित कंपनी को सोमवार को नोएडा प्राधिकरण को देनी थी. रिपोर्ट में कुछ बदलाव किया जा रहा है. ऐसे में संबंधित कंपनी सोमवार को प्राधिकरण को रिपोर्ट नहीं सौंप सकी. 

सुप्रीम कोर्ट ने दिए टावर को गिराने के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक के ट्विन टॉवर्स को गिराने का आदेश दिया है. सुपरटेक के ये दोनों ही टॉवर 40-40 मंजिला हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ये टॉवर नोएडा अथॉरिटी और सुपटेक की मिलीभगत से बने थे. उधर, एसआईटी भी अपनी रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है. सआईटी की टीम को बिल्डर और नोएडा प्राधिकरण से कुछ और जानकारियों की जरूरत थी, इसके बाद फाइनल रिपोर्ट पेश की जाएगी. 

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