
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi vadra) को आज बुधवार को लखनऊ पुलिस ने उस समय हिरासत में ले लिया, जब वह एक मृतक के परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए आगरा जा रही थीं, जिनकी कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी. प्रियंका को पिछले 17 दिनों में दूसरी बार पुलिस हिरासत में लिया गया है. रात करीब 11 बजे वह आगरा पहुंचीं.
हिरासत में लिए जाने के बाद हुए हंगामे के बाद आगरा जाने की इजाजत मिलने पर प्रियंका गांधी अपने 4 लोगों के साथ अरुण के परिजनों से मिलने के लिए लखनऊ से रवाना हुईं. रात 11 बजे आगरा पहुंचने के बाद प्रियंका गांधी ने पुलिस हिरासत में मारे गए सफाईकर्मी अरुण वाल्मीकि की पत्नी और मां से मुलाकात की. परिजनों ने प्रियंका को अपने परिवार पर गुजरे कहर के बारे में जानकारी दी.
इससे पहले लखनऊ पुलिस ने कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया क्योंकि सीआरपीसी की धारा 144 लागू थी. प्रियंका गांधी वाड्रा को पुलिस ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर रोक दिया क्योंकि आगरा के जिलाधिकारी ने एक शख्स की मौत के बाद किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को वहां नहीं जाने देने का निर्देश दिया है. प्रियंका को हिरासत में लिए जाने के बाद लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर भारी हंगामा मचा.
हालांकि कुछ समय तक हिरासत में रखे जाने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा को आगरा जाने की अनुमति दे दी गई. अनुमति मिलने के बाद वह आगरा के लिए रवाना हो गई हैं. चार लोगों को अनुमति मिली है. प्रियंका गांधी प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, आचार्य प्रमोद कृष्णम और एमएलसी दीपक सिंह के साथ आगरा के लिए रवाना हो गईं.
प्रियंका गांधी ने आजतक से खास बातचीत में कहा, 'मुझे 4 लोगों के साथ आगरा जाने की अनुमति मिल गई है. मैं पीड़ित के परिजनों से मिलूंगी.' कांग्रेस यूपी प्रभारी प्रियंका ने यह भी बताया कि हो सकता है कि बीजेपी सरकार उनकी सक्रियता के कारण डरती हो. हालांकि प्रियंका गांधी अब रिजर्व पुलिस लाइन से निकलकर आगरा के लिए रवाना हो चुकी हैं.
फिर से हिरासत में प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका को पिछले 17 दिनों में दूसरी बार पुलिस हिरासत में लिया गया है. इससे पहले वह लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा मामले में मृतकों के परिजनों से मिलने जाने के दौरान हिरासत में लिया गया था.
एएनआई ने प्रियंका गांधी के हवाले से कहा, 'वे कहते हैं कि मैं आगरा नहीं जा सकती. मैं जहां भी जाती हूं वे मुझे रोकते हैं. क्या मुझे रेस्तरां में बैठना चाहिए? सिर्फ इसलिए कि यह उनके लिए राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है? मैं उनसे मिलना चाहती हूं, कौन सी बड़ी बात है?'
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उन्होंने कहा, 'कोई मर गया है. यह कानून-व्यवस्था का मुद्दा कैसे हो सकता है? डीएम को बुलाकर पूछना चाहिए. क्या यह बहुत अधिक नहीं है कि मैं कहीं बाहर नहीं जा सकती और लखनऊ के एक गेस्ट हाउस में कैद रहूं.'
पुलिस हिरासत में मौत का आरोप
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आगरा के जगदीशपुरा थाने से 25 लाख रुपये की चोरी के आरोपी अरुण वाल्मीकि की पूछताछ के दौरान कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत हो गई.
आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मुनिराज ने बताया कि मंगलवार की रात आरोपी अरुण अचानक उस समय बीमार पड़ गया, जब चोरी के पैसे की बरामदगी के लिए उसके घर पर छापेमारी की जा रही थी. पीटीआई ने उनके हवाले से कहा, 'उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.'
पुलिस के अनुसार, अरुण थाने के "मालखाना" (एक भंडारण घर जहां पुलिस द्वारा जब्त किया गया सामान रखा जाता है) में क्लीनर का काम करता था. उसने शनिवार की रात कथित तौर पर पैसे चुरा लिए थे. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है.
आगरा में पुलिस हिरासत में हुई कथित मौत मामले में एसएसपी आगरा ने 5 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है. एसएसपी ने एक इंस्पेक्टर, एक सब इंस्पेक्टर और तीन सिपाही को सस्पेंड कर दिया है.
एसएसपी ने कहा कि घटना में मुकदमा दर्ज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी.