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यूपी में ब्लैक फंगस को लेकर CM योगी ने दिए ये निर्देश, अब गांवों में वैक्सीनेशन पर फोकस

देश के अलग-अलग हिस्सों में ब्लैक फंगस के मामलों के बीच यूपी सरकार ने अहम कदम उठाया है. यूपी में अब ब्लैक फंगस को अधिसूचित बीमारी घोषित करने की तैयारी है, सीएम ने इसके अलावा वैक्सीनेशन को लेकर अहम निर्देश दिए हैं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (PTI) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (PTI)
कुमार अभिषेक
  • लखनऊ,
  • 21 मई 2021,
  • अपडेटेड 3:04 PM IST
  • ब्लैक फंगस बीमारी को लेकर यूपी सरकार का एक्शन
  • CM ने ग्रामीण इलाकों में वैक्सीनेशन को लेकर भी निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का पीक अब पीछे छूट गया है. बीते कुछ दिनों से प्रदेश में नए मामलों की संख्या में कमी आई है. इस बीच ब्लैक फंगस की बीमारी ने चिंता बढ़ा दी है, इस संकट को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अहम निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोरोना होने के बाद की अवस्था में ब्लैक फंगस के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में विशेषज्ञों के परामर्श के अनुरूप प्रदेश सरकार सभी मरीजों के समुचित चिकित्सकीय उपचार की व्यवस्था कर रही है.

अब यूपी में केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार कोविड की तर्ज पर ब्लैक फंगस को भी 'अधिसूचित बीमारी' घोषित किया जाए. सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि इसकी दवा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए. गौरतलब है कि यूपी के कई शहरों में ब्लैक फंगस के मामले सामने आ चुके हैं, जो कोरोना संकट के बीच चिंता को बढ़ा रहे हैं. 

ग्रामीण इलाकों में वैक्सीनेशन के लिए अहम कदम
इससे इतर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अब यूपी सरकार की ओर से बड़ी पहल का आगाज़ किया गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के मिशन में लोगों को रजिस्ट्रेशन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था. लेकिन अब यूपी सरकार ने फैसला लिया है कि ग्रामीण क्षेत्र के निवासी नजदीकी जनसेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. 

इसके तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में 93 हजार जनसेवा केंद्रों पर टीकाकरण रजिस्ट्रेशन की सुविधा की शुरू की गई है. बता दें कि अभी 18 से 44 साल के लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन करवाना ज़रूरी है, ऐसे में राज्य सरकार ने ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए ये अहम फैसला लिया है. 

बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान यूपी में हालात बिगड़ गए थे, एक वक्त में राज्य में तीस हजार के करीब केस आ रहे थे. हालांकि अब नए मामलों की रफ्तार काफी धीमी हो गई है, बीते दिनों उत्तर प्रदेश में 6 हज़ार के करीब केस आए. अब राज्य में एक्टिव केस की संख्या में भी सवा लाख के करीब पहुंच गई है, जो एक वक्त पर तीन लाख का आंकड़ा छू रही थी. 

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