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10 लाख दीपक-लेजर लाइट शो से रोशन होंगे वाराणसी के गंगा घाट, देव दीपावली आज

बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में आज देव दीपावली पर गंगा नदी की लहरें तैरते दीपक और घाटों पर हुई लाइटिंग से नहाई नजर आएंगी. लेजर लाइट शो भी होगा और प्रोजेक्शन मैपिंग का भी आयोजन होगा.

सीएम योगी ने निहारी रोशनी से नहाई गंगा की अद्भुत छटा सीएम योगी ने निहारी रोशनी से नहाई गंगा की अद्भुत छटा
समर्थ श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 07 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 1:57 PM IST

हिंदी कैलेंडर के मुताबिक कार्तिक महीने की पूर्णिमा को देव दीपावली का त्योहार मनाया जाता है. देव दीपावली का त्योहार आज मनाया जा रहा है. वाराणसी के अंर्ध चंद्राकार घाट और गंगा की लहरें आज हजारों दीपकों की रोशनी से जगमगाएंगे. देव दीपावली को भव्य और दिव्य बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. गंगा घाट पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही इस बार लेजर लाइट शो के आयोजन का भी कार्यक्रम है.  

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वाराणसी के लगभग सभी प्रमुख घाट पर देव दीपावली को लेकर खास आयोजन की तैयारी है. जानकारी के मुताबिक गंगा तट पर दीप प्रज्ज्वलन शाम 5 बजे से शुरू होगा. शाम 6 बजे तक सभी घाटों पर दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे. इसके बाद शाम 5.30 से 6.30 बजे तक दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती होगी. गंगा आरती के बाद अन्य आयोजन होंगे.

बताया जाता है कि शाम 7 से 7.30 बजे तक चेत सिंह घाट पर प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो होगा. इसके बाद काशी विश्वनाथ धाम के सामने गंगा नदी की रेत पर क्रीम कोरियोग्राफ्ड आतिशबाजी होगी. रात में 8 से 9.40 बजे तक भी प्रोजेक्शन मैपिंग और 3डी लेजर शो का आयोजन होगा. गंगा नदी के तट पर करीब 10 लाख दीपक जलाए जाने का अनुमान है.

देव दीपावली के त्योहार पर पूरे वाराणसी जनपद में लगभग 21 लाख दीपक जलाए जाने का अनुमान जताया जा रहा है. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद ये पहली देव दीपावली है. इसे देखते हुए काशी विश्वनाथ धाम की भी भव्य सजावट की गई है. काशी विश्वनाथ धाम को करीब 50 टन फूलों से सजाया गया है. काशी विश्वनाथ धाम को सजाने में इस तरह के फूलों का इस्तेमाल किया गया है जो सात दिन तक जस के तस रह सकें.

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सीएम योगी ने लिया था तैयारियों का जायजा

बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में देव दीपावली को लेकर शासन-प्रशासन कितना एक्टिव है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दिन पहले क्रूज पर सवार होकर घाटों पर की गई लाइटिंग और चेत सिंह घाट पर 3डी लेजर शो देखा. गंगा तट पर देव दीपावली के आयोजन का शहर में छह जगह लाइव प्रसारण किए जाने की तैयारी भी प्रशासन ने की है.

क्या है देव दीपावली की मान्यता

ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव ने राक्षस त्रिपुरासुर का वध कार्तिक महीने की पूर्णिमा तिथि को किया था. भगवान शिव के त्रिपुरासुर का वध करने से खुश देवता धरती पर उतर आए उनके त्रिशूल पर बसी काशी में दीप जलाए. देवताओं ने काशी में दिवाली मनाई थी और तभी से वाराणसी में कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली मनाने की परंपरा चली आ रही है.

 

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