
अयोध्या में श्री राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा खरीदी गई जमीन में विवादों का सिलसिला लगातार जारी है. 2011 से 2021 पूरे 10 साल के दरमियान इस जमीन को लेकर तमाम विवाद खड़े हुए और इन विवादों के कुछ बिंदु ऐसे थे जो मंदिर ट्रस्ट के द्वारा खरीदी गई इस जमीन के सौदे पर सवाल खड़ा करते हैं. हरीश पाठक और कुसुम पाठक से जिस जमीन को खरीद कर सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने ट्रस्ट को बेचा, उस जमीन का 10 सालों में दाखिल खारिज ही नहीं हो पाया. जबकि ट्रस्ट को जमीन बेचने के एक महीने बाद ही जमीन का दाखिल खारिज हो गया.
हरीश पाठक और कुसुम पाठक 2011 से लगातार इस जमीन का सौदा कर रहे थे, जिसमें एक समझौता 20 नवंबर 2017 को 2 करोड़ 16 लाख में हुआ. इस जमीन के एग्रीमेंट में बसपा के पूर्व विधायक रहे जितेंद्र सिंह बबलू के पिता इच्छाराम सिंह का भी नाम शामिल था. लेकिन हरीश पाठक के नाम दाखिल खारिज नहीं हुआ तो जितेंद्र सिंह बबलू के द्वारा किया गया यह एग्रीमेंट रद्द हो गया.
अयोध्याः मंदिर की जिस जमीन की खरीद पर है विवाद, ऐसा है 97 साल पुराना उसका इतिहास
2019 तक हरीश पाठक के द्वारा किए गए जमीन के सौदों पर कुल 9 मुकदमे दर्ज हुए. 17 सितंबर 2019 को सुल्तान अंसारी के पिता इरफान अंसारी और जितेंद्र सिंह बबलू के पिता इच्छा राम सिंह समेत नौ लोगों के साथ 2 करोड़ में एग्रीमेंट किया गया, लेकिन जब ट्रस्ट के द्वारा यह जमीन खरीदी जाने लगी तो 9 लोगों के साथ किया गया यह एग्रीमेंट कैंसिल हो गया और नया एग्रीमेंट रवि मोहन तिवारी और इरफान अंसारी के बेटे सुल्तान अंसारी के साथ किया गया.
जिस जमीन को 11 सालों में हरीश पाठक और कुसुम पाठक विवादों के चलते दाखिल खारिज नहीं करा पाए. तीन बार अलग लोगों से एग्रीमेंट किया. उसका राम मंदिर ट्रस्ट के साथ सौदा होते ही दाखिल खारिज हो गया. जिस जमीन को राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा 18.50 करोड़ में खरीद लिया गया, उस जमीन की कीमत सर्किल रेट के हिसाब से 5 करोड़ 79 लाख 84000 रुपए है. ट्रस्ट के द्वारा यह जमीन 3 गुना अधिक दामों में खरीदी गई है.
किसी भी सरकारी योजना में जमीन अधिग्रहण पर मुआवजे की राशि सर्किल रेट से शहरी क्षेत्र में 2 गुना और ग्रामीण क्षेत्र में यह राशि 4 गुना से अधिक नही हो सकती है. लेकिन ट्रस्ट के द्वारा अयोध्या शहरी क्षेत्र में खरीदी गई इस जमीन को दोगुना नहीं 3 गुना से भी अधिक दाम में खरीदा गया.
(रिपोर्ट: संतोष कुमार)