
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. यूनिवर्सिटी के वीसी संजय सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में आशियाना पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है.
लखनऊ की बाबासाहेब अंबेडकर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर संजय सिंह पर नियुक्तियों में गड़बड़ी, वित्तीय अनियमितता और मानकों के खिलाफ जाकर यूनिवर्सिटी के फर्नीचर की खरीददारी का आरोप लगाया गया है. इसके अलावा यूनिवर्सिटी की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा एजेंसी M/s Security Intelligence Services को गलत तरीके से लाखों रुपये की रिश्वत लेकर टेंडर देने का आरोप लगाया गया है.
यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र ने दर्ज कराया मुकदमा
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र दिवाकर यादव ने वाइस चांसलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. इसमें मैन पावर सप्लाई करने वाली कंपनी में भी करप्शन के आरोप हैं. वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विस कंपनी को नियमों के विरुद्ध ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का टेंडर प्रदान करने का भी आरोप लगाया गया है.
कुलपति के खिलाफ आईपीसी की धाराओं में FIR
लखनऊ के आशियाना पुलिस स्टेशन के एसएचओ अजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि बीबीएयू के कुलपति संजय सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 409 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.
कुलपति ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है: कुलसचिव
इस मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से बयान जारी किया है. कुलसचिव ने कहा कि कुलपति आचार्य संजय सिंह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है और भ्रष्ट ठेकेदारों पर कार्रवाई कर रहे हैं, उन्हीं ठेकेदार में से एक ने एफआईआर दर्ज कराई है, यह कुलपति की छवि को धूमिल करने की कोशिश है, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ कुलपति की लड़ाई जारी रहेगी.