
महराजगंज जिले में श्यामदेउरवा थानाक्षेत्र में गेहूं की खड़ी फसल में लगी आग बुझाने गए फायर सर्विस के कर्मियों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटने का मामला सामने आया है. इस घटना में एक फायर कर्मी घायल हो गया. एसपी प्रदीप गुप्ता ने फायर कर्मी के खिलाफ मारपीट करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश श्यामदेउरवा थाना के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार राय को दिया.
एसपी ने कहा कि अग्निशमन विभाग के कर्मी अपनी जान जोखिम में डाल कर आग बुझा रहे हैं. ऐसे में उनका सहयोग करने के बजाय मारपीट व दुर्व्यवहार करना गंभीर बात है. प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. श्यामदेउरवा थानाक्षेत्र के कतरारी गांव के पूरब सिवान में मंगलवार को एक चिंगारी शोला बन कर किसानों की खड़ी फसल को जलाने लगी. देखते ही देखते आग बेलराई, परसिया इंदरपुर, महुअवा-महुई, नंदना व सोहवल गांव के सिवान में फैल गई. इन सभी गांवों के बीच करीब चार सौ एकड़ गेहूं की फसल जलने लगी.
सूचना पर श्यामदेउरवा थाना परिसर में खड़े फायर टेंडर को आग बुझाने के लिए प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार राय ने फौरन कतरारी भेजा. खुद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों के साथ मिल कर आग बुझाना शुरू किया, लेकिन आग बेकाबू हो रही थी. उसके तेज लपट के आगे बुझाने की सभी कोशिश धराशायी हो जा रही थी. इसके बाद जिला मुख्यालय के अग्निशमन विभाग से दूसरा फायर टेंडर आग बुझाने के लिए बुलाया गया. वहां ग्रामीणों ने देर से आने का आरोप मढ़ फायर टेंडर गाड़ी का रास्ता रोक दिया. फायर कर्मियों से बदसलूकी करते हुए उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. श्यामदेउरवा पुलिस उस समय गांव के दूसरे छोर पर आग बुझा रही थी. पुलिस तब तक पहुंची उस समय तक ग्रामीण एक अग्निशमन विभाग के कर्मचारी को पीट कर घायल कर दिया. पुलिस के पहुंचने के बाद हंगामा करने वाले ग्रामीण तितर-बितर हुए.
आग से राख हुए किसानों के अरमान, अनाज का एक दाना भी नहीं बचा
अग्निशमन विभाग के मुताबिक मंगलवार को जिले के तीस गांव में आग लगी थी. इस आग में हजारों एकड़ फसल जल कर राख हो गई. विभाग की सभी गाड़ियां आग बुझाने के लिए दिन भर दौड़ती रहीं, लेकिन सबसे भीषण आग श्यामदेउरवा थानाक्षेत्र में लगी थी. चंद घंटे के भीतर -देखते ही कतरारी, बेलराई, परसिया इंदरपुर, महुअवा-महुई, नंदना व सोहवल आदि गांवों के हजारों किसान की फसल राख की ढेर में तब्दील हो गई. किसान खेत में दहाड़ मार कर रो रहे थे.
कोई गेहूं बेच कर बेटी की शादी का सपना संजोया था तो किसी अनाज के बदौलत कोई दूसरा काम करने का अरमान पाला था. लेकिन आग में सब कुछ स्वाहा हो गया. कई किसान ऐसे हैं जिनका सभी खेत इसी सिवान में था. उनका गेहूं का एक दाना भी नहीं बचा था. उनको भुमखरी की चिंता में आंख से आंसू निकल रहे थे.
वाटर मिस्ट की चार सौ लीटर की है टंकी, कैसे बुझे आग
अग्निशमन विभाग के पास आग बुझाने के लिए दो फायर टेंडर, चार-चार सौ लीटर का दो वाटर मिस्ट व दो बोलेरो कैम्फर है. बोलेरो कैम्फर तभी काम करेगा जब आग लगने के आसपास पोखरा जैसे कोई पानी का साधन होगा. वाटर मिस्ट में चार सौ लीटर पानी लेकर जब फायर कर्मी पहुंच रहे हैं तो पन्द्रह मिनट के अंदर ही टंकी खाली हो जा रही है. फिर वह पानी भरने जाते हैं. वापस लौटने पर आग विकराल रूप धारण कर ले रही है. अप्रैल के पहले पखवाड़े में ही मौसम का तापमान का अधिकतम पारा 39 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है. ऐसे में एक चिंगारी भी आग का शोला बन कर कहर ढहा रही है.