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लखीमपुर कांड: पत्रकार का दावा- चौकी में मृतका की मां-बाप को पुलिस ने पीटा था

दोनों सगी बहनों की हत्या के कुछ घंटों बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक लोकल पत्रकार नंद किशोर को पुलिस गला पकड़कर खींचती हुई बाहर ला रही है. आजतक उस पत्रकार तक पहुंचा. उसने बताया कि वह उस वक्त चौकी पर मौजूद था, जब पीड़िता की मां शिकायत लिखवाने वहां पहुंची थी, उसने देखा कि मां को पुलिसकर्मियों ने काफी देर मारा, उसके बाल पकड़ के खींचा.

स्थानीय पत्रकार के साथ पुलिस की धक्कामुक्की का Video स्थानीय पत्रकार के साथ पुलिस की धक्कामुक्की का Video
अभिषेक वर्मा
  • लखीमपुर,
  • 15 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 6:57 PM IST

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में दो दलित बहनों से रेप और हत्या के मामले में एक और वीडियो सामने आया है. यह वीडियो बुधवार देर शाम का बताया जा रहा है, जिसमें एक पत्रकार को पुलिस के आला अधिकारी पकड़े हुए पुलिस चौकी से बाहर निकाल रहे हैं. पत्रकार का दावा है कि पुलिसवालों ने मृतका के मां को मारा-पीटा था, जिसका वह वीडियो बनाने जा रहा था, तभी पुलिसवाले भड़क गए और उसे घसीटते हुए पुलिस चौकी से बाहर ले आए.

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दोनों सगी बहनों की हत्या के कुछ घंटों बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक लोकल पत्रकार नंद किशोर को पुलिस गला पकड़कर खींचती हुई बाहर ला रही है. आजतक उस पत्रकार तक पहुंचा. उसने बताया कि वह उस वक्त चौकी पर मौजूद था, जब पीड़िता की मां शिकायत लिखवाने वहां पहुंची थी, उसने देखा कि मां को पुलिसकर्मियों ने काफी देर मारा, उसके बाल पकड़ के खींचा, कुछ गांव वालों ने बीच में आकर उसकी वहां से बाहर निकाला.

पत्रकार नंद किशोर ने आगे कहास, 'जब पुलिस ने देखा कि वह वहां खड़ा उसका वीडियो बनाने को कोशिश कर रहा है तो वहां के CO और SHO उसे वहां से घसीटने लगे और बोले कि यहां पत्रकारिता करोगे तुम..' वीडियो बुधवार शाम 7 बजे का है. इससे पहले दोनों लड़कियों की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस चौकी में उसको आधे घंटे तक मारा गया था और उसके साथ महिला पुलिसकर्मी ने बदसलूकी की थी. मां के आरोपों को पत्रकार ने पुख्ता कर दिया है.

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अब देखना होगा कि इन पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं? खैर इस बीच लड़कियों के परिवारवाले अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए हैं. दोनों बहनों को दफनाया जाएगा. लखमीपुर खीरी प्रशासन ने परिवारवालों को समझाया बुझाया और फैस्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने का भरोसा दिया. तब जाकर वो अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए. दोनों बहनों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि बड़ी बहन के साथ दरिंदगी की गई थी.

गौरतलब है कि लखीमपुर के एक गांव में बुधवार को दो सगी बहनों की पेड़ से लटकती लाश मिली थी. पुलिस ने 24 घंटे के अंदर हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है. उसके मुताबिक दो बेटियों की मौत 6 गुनहगार हैं- जुनैद, सुहैल, आरिफ, हफीजुररहमान, करीमुद्दीन और छोटू. छोटू की भूमिका को पुलिस बेहद अहम बता रही है. छोटू उन दो बहनों का पड़ोसी है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं. दोनों एक ही गांव और एक ही बिरादरी के हैं. दोनों घरों के बीच महज 300 मीटर की दूरी है.

पुलिस का दावा है कि दोनों लड़कियां तीनों लड़कों को जानती थीं और उन्हें बहला-फुसला कर ले जाया गया, लेकिन परिवार इस बात को कबूल नहीं कर रहा. उसका कहना है कि दोनों लड़कियों को जबरन घसीट कर ले जाया गया. इस परिवार की मानें तो इन दो बहनों के साथ ज्यादती की इंतेहा हुई है. परिवार का आरोप है दोनों को अगवा किया गया, उनसे रेप हुआ और फिर दोनों की हत्या कर शव पेड़ से लटका दिए गए.

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परिवार ने सबसे पहले पड़ोस में रहने वाले छोटू पर आरोप लगाया था. परिवार का आरोप है कि जब जुनैद और उसके साथी दोनों लड़कियों को बाइक पर ले गए तब उनकी मां और पिता पुलिस थाने पहुंचे, लेकिन उनके साथ मारपीट की गई. हालांकि, पुलिस इन आरोपों से इनकार कर रही है. यही नहीं उसने सुबह होते-होते इस केस की गुत्थी सुलझाने का दावा भी कर दिया. फिलहाल पुलिस ने सभी 6 आरोपियों को जेल भेज दिया है.

 

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