
उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं. 23 जून को मतदान होना है. उपचुनाव के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन है और नामांकन के अंतिम दिन देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने उम्मीदवार को लेकर बड़ा ऐलान कर चल रही कयासबाजियों पर पूर्ण विराम लगा दिया है. कांग्रेस ने ये साफ कर दिया है कि पार्टी आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी.
कांग्रेस की प्रदेश यूनिट ने इसे लेकर एक पत्र जारी किया है. यूपी कांग्रेस के उपाध्यक्ष और प्रशासन प्रभारी योगेश दीक्षित की ओर से सोमवार को पत्र जारी किया गया है. योगेश दीक्षित की ओर से जारी किए गए इस पत्र में साफ कहा गया है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी.
योगेश दीक्षित ने इसके पीछे वजह भी बताया है. उन्होंने कहा है कि विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखते हुए ये जरूरी है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अपना पुनर्निर्माण करे. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के लिए ये जरूरी है जिससे पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव में खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर सके. कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार नहीं उतारने का ऐलान नामांकन के अंतिम दिन आया है.
गौरतलब है कि आजमगढ़ और रामपुर, दोनों ही लोकसभा सीट से 2019 के आम चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवारों को जीत मिली थी. रामपुर सीट से आजम खान सांसद निर्वाचित हुए थे तो वहीं आजमगढ़ सीट से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. सपा अध्यक्ष अखिलेश और रामपुर के सांसद आजम खान ने 2022 में विधानसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.
अखिलेश यादव और आजम खान के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई इन दोनों लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव हो रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी ने आजमगढ़ से दिनेश लाल यादव निरहुआ और रामपुर से घनश्याम लोधी को टिकट दिया है. सपा ने भी इन सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान अभी नहीं किया है.