
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में सिर्फ लोकसभा का उपचुनाव नहीं हो रहा है, बल्कि 2024 में लोकसभा चुनाव की बिसात पर मोहरे भी सजाये जा रहे हैं. यूपी में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कन्नौज से लोकसभा चुनाव लड़ने का संकेत क्या दिया, भाजपा ने न सिर्फ उस बयान को लपक लिया है बल्कि ‘ऑपरेशन करहल’ भी शुरू कर दिया है. मैनपुरी के उपचुनाव में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 28 नवंबर को अपनी पहली रैली करहल में करके इसका संदेश देंगे.
दरअसल, सीएम योगी के मैनपुरी में प्रचार की रूप-रेखा तैयार ही हो रही थी कि अखिलेश यादव ने अपने विधानसभा क्षेत्र में एक बयान देकर बात को दिशा दी. अखिलेश यादव ने कन्नौज से लोकसभा चुनाव लड़ने का संकेत दिया है. साथ ही प्रचार के दौरान ये भी कहा कि ‘करहल से कितने वोट मिलेंगे, ये सब देखेंगे.’ अखिलेश यादव ने अपने क्षेत्र के लोगों का उत्साह बढ़ाने के लिए ये भी कह दिया कि ‘कितने वोट मिलेंगे, ये कोई देखे न देखे योगी जी देखेंगे.’ वैसे तो समाजवादी पार्टी अध्यक्ष का उद्देश्य अपने कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का उत्साह बढ़ाना था, लेकिन बीजेपी के रणनीतिकारों ने इस मौके को लपक लिया. जिसके बाद बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ की जनसभा अखिलेश यादव के विधानसभा क्षेत्र में तय कर दी.
बता दें कि करहल विधानसभा मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और अखिलेश यादव फिलहाल इसी विधानसभा सीट से विधायक हैं. लिहाजा, भाजपा अखिलेश यादव को करहल विधानसभा में घेरने की रणनीति को अंतिम रूप दे रही है. उसकी रणनीति का ही ये हिस्सा है कि सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली चुनावी जनसभा करहल विधानसभा में रखी गयी है.
मुलायम सिंह का गढ़ रही है मैनपुरी सीट
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक और फिर संरक्षक रहे मुलायम सिंह यादव ने संसद में प्रवेश के लिए मैनपुरी संसदीय सीट से चुनावी किस्मत आजमाने का फैसला किया था. इस क्षेत्र की जनता ने उन्हें कभी निराश नहीं किया, वह जब भी लड़े चुनाव तो जीते. वहीं यहां से मुलायम सिंह ने जिसे भी चुनाव लड़ाया, वह विजयी रहा है. यादव लैंड के रूप से मशहूर मैनपुरी संसदीय सीट में करहल, जसवंतनगर, भोगांव, किश्नी और मैनपुरी विधानसभा क्षेत्र हैं. करहल से अखिलेश यादव और जसवंतनगर से उनके चाचा शिवपाल यादव विधायक हैं. करहल में प्रचार कर रहे शिवपाल सिंह यादव का कहना है कि उन्होंने करहल के लोगों से ये अपील की है कि डिंपल के लिए सबसे ज़्यादा वोट करहल से ही मिलने चाहिए.
सपा ने डिंपल यादव को बनाया है प्रत्य़ाशी
उल्लेखनीय है कि मुलायम सिंह के निधन से रिक्त हुई मैनपुरी लोकसभा सीट पर उनकी बहू डिंपल यादव प्रत्याशी हैं, जिनके लिए उनके पति व सपा प्रमुख अखिलेश यादव और शिवपाल यादव पुरजोर प्रयास कर रहे हैं. चुनाव प्रचार के दौरान ही अखिलेश यादव ने अचानक ये संकेत दिया है कि वह 2024 में अपनी पुरानी संसदीय सीट कन्नौज से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे. भाजपा ने उनके इसी संकेत को सामने रखकर मैनपुरी में पहले ही उनकी पत्नी व सपा प्रत्याशी डिंपल यादव को घेरने की रणनीति को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया.
2024 के लिए जमीन तैयार करने में जुटी बीजेपी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा भी करहल में निर्धारित की गई है. 28 नवम्बर को होने वाली इस जनसभा के जरिये भाजपा यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव कभी भी किसी क्षेत्र की जनता की स्थायी नुमाइंदगी नहीं करते हैं. पहले उन्होंने कन्नौज संसदीय क्षेत्र छोड़ा और आजमगढ़ चुनाव लड़ने चले गये. फिर 2022 में आजमगढ़ संसदीय सीट से इस्तीफा देकर करहल विधानसभा सीट का चुनाव लड़ने पहुंच गये और अब फिर करहल विधानसभा छोड़कर फिर से कन्नौज संसदीय सीट से चुनाव लड़ने का संकेत दे रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि भाजपा करहल की जनता को यह बताने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि इस सीट के मतदाताओं में सपा मुखिया के रुख़ को लेकर असमंजस पैदा हो.
मैनपुरी संसदीय उपचुनाव के जरिये भाजपा 2024 की रणनीति पर काम कर रही है. क्योंकि तब तक मुलायम सिंह यादव के निधन से उपजी सहानुभूति भी खत्म हो जाएगी और यह संदेश भी स्थापित हो जा जाएगा कि अखिलेश यादव उनका प्रतिनिधित्व करने को तैयार नहीं है. वैसे 28 नवम्बर को करहल में होने वाली मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की जनसभा से काफी कुछ तस्वीर साफ होगी.