
सुभासपा 20वां स्थापना दिवस मना रही है. सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के नेतृत्व में सावधान यात्रा निकाली गई. जिसमें यूपी के बस्ती जिले के कुदरहा में राजभर ने जनसभा को संबोधित किया. अपने चिर परिचित अंदाज में राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा.
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने हमें हराने के लिए गठबंधन में मिली सीटों पर डमी कंडीडेट दिए. बस्ती मंडल में हम तीन सीटें जीत कर देते लेकिन समाजवादी पार्टी का शिकार हो गए. बस्ती की महादेवा सीट पर भी हमें डमी कंडीडेट दिया जा रहा था.
दो-दो हाथ करने के लिए तैयार
राजभर ने कहा कि हम अखिलेश से दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हैं. अखिलेश चाहते थे कि ओम प्रकाश राजभर को जो सीट दी जा रही है वहां से वो जीत कर ना आएं. राजभर ने कहा कि हम दोस्ती निभाना जानते हैं लेकिन जब दोस्ती तोड़ते हैं तो दुश्मनी भी मजबूती से निभाते हैं.
कहते कुछ हैं और करते कुछ
उन्होंने अखिलेश यादव के भाजपा को सबसे बड़ी झूठी पार्टी बताने के बयान पर कहा कि सपा कौन सी सही पार्टी है. सहारनपुर में कांग्रेस के बड़े मुस्लिम नेता को पार्टी ज्वाइन कराई. आजमगढ़ में गुड्डू जमाली को पार्टी ज्वाइन कराई लेकिन उनको टिकट नहीं दिया. अखिलेश कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं.
साढ़े चार साल बैठकर लूडो खेलोगे
अखिलेश के आरोप 'भाजपा और चुनाव आयोग ने मिलकर मुस्लिम और यादव के 30 से 40 हजार वोट लिस्ट से कटवाए' पर राजभर ने कहा "उस समय अखिलेश क्या कर रहे थे. जनता के बीच और टीवी पर आकर बोलना अलग बात है. उस समय क्या सो रहे थे. 5 साल में साढ़े चार साल बैठकर लूडो खेलोगे और 6 महीने में आकर सत्ता पाओगे. उधर, विधायक अब्बास अंसारी को भगोड़ा घोषित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है, अदालत अपना काम कर रही है और हम अपना काम कर रहे हैं.
2024 में गठबंधन करेंगे राजभर!
राजभर ने 2024 में फिर से सपा से गठबंधन के सवाल पर गठबंधन की राजनीति के उदाहरण देते हुए कहा कि "राजनीति में कोई किसी का ना दोस्त है ना दुश्मन. सपा-बसपा में 36 का आंकडा था फिर भी दोनों को एक मंच पर देखा. नीतीश कहा करते थे कि राजनीति छोड़ दूंगा कभी बीजेपी के साथ नहीं जाऊंगा पर उन्होंने भी गठबंधन किया. कश्मीर में देख लीजिए पीडीपी और बीजेपी दोनों दुश्मन हैं, फिर भी दोनों ने मिलकर सरकार चलाई".
(रिपोर्ट- मिस्बा उस्मानी)