
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली से कनेक्टिविटी देने के लिए एक अहम सुविधा शुरू की जाने वाली है. जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली से जोड़ने के लिए अल्ट्रा पर्सनल रैपिड ट्रांजिट कैब (PRT) शुरू की जाएंगी. यह पीआरटी दिल्ली के न्यू अशोक नगर से जेवर एयरपोर्ट तक चलेंगी. यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने इस योजना पर काम शुरू कर दिया है. ये रैपिड ट्रेन 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी. यमुना प्राधिकरण ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को परियोजना की फिजिबिलिट तैयार करने को कहा है.
दरअसल, रैपिड ट्रेन का दिल्ली मेरठ ट्रैक का एक स्टेशन दिल्ली का न्यू अशोक नगर होगा. यात्री पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर से रैपिड ट्रेन ले जा सकेंगे. जेवर से न्यू अशोक नगर के बीच की यह दूरी लगभग 65 किलोमीटर होगी और इसके निर्माण में मेट्रो की आधी लागत आएगी.
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के सीईओ अरुण वीर सिंह ने कहा 'अल्ट्रा पीआरटी का ट्रैक एलिवेटेड बनाया जाएगा. मुमकिन है कि यह ट्रैक नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे से होकर गुजरेगा. इसके लिए प्राधिकरण को भूमि अधिग्रहण करने की भी आवश्यकता नहीं होगी. अल्ट्रा पीआरटी 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती है. इसके एक कंपार्टमेंट 15 से 20 लोग सवार हो सकते हैं. इससे जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली जाने वाले या जेवर हवाई अड्डे पर आने में समय की काफी बचत होगी.'
बता दें कि न्यू अशोकनगर से जेवर तक रैपिड ट्रेन को जोड़ने की तैयारी थी, लेकिन इस निर्माण में लागत बहुत अधिक है. अल्ट्रा पीआरटी का निर्माण मेट्रो निर्माण की आधी लागत होगी. इस पर करीब 3.5 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. यमुना प्राधिकरण के अफसरों का कहना है कि डीएमआरसी देहरादून में अल्ट्रा पीआरटी की परियोजना शुरू कर रहा है. लिहाजा यमुना प्राधिकरण के अफसरों ने डीएमआरसी से यमुना प्राधिकरण के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का अनुरोध किया है.