
संगम नगरी प्रयागराज बाढ़ से बेहाल है. प्रयागराज में गंगा और यमुना का पानी रविवार रात खतरे के निशान को पार कर गया. आलम यह है कि रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है. कई इलाकों में रास्ते जलमग्न हो गए हैं. आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. स्थिति जस की तस बनी हुई है. आशंका यह भी जताई जा रही है कि जलस्तर में इजाफे की यही रफ्तार जारी रही तो बाढ़ का पानी शहरी इलाकों में भी पहुंच सकता है.
बाढ़ के कारण उत्पन्न हालात का जायजा लेने के लिए आजतक की टीम छोटा बघाड़ा, फाफामऊ और बख्शी घाट इलाके में पहुंची. ये इलाके बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गए हैं. इन इलाकों में रहने वाले लोगों ने बड़ी तादाद में बाढ़ की वजह से अपना घर-बार छोड़कर दूसरे स्थानों पर शरण ले ली है. प्रशासन की ओर से राहत शिविर बनाए गए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन भी लगातार जारी है. बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है.
प्रशासन की ओर से राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था के दावे किए जा रहे हैं, तो वहीं लोग बुनियादी सुविधाओं के अभाव का आरोप लगा रहे हैं. राहत शिविर में 45 साल की महिला संगीता ने रोते हुए कहा कि यहां कोई व्यवस्था नहीं की गई है. हम भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पानी अचानक तेजी से बढ़ने लगा. सबकुछ इतनी तेजी से हुआ कि उनके पास कहीं और जाने का विकल्प नहीं था. संगीता ने कहा कि बाढ़ के कारण उन्हें हर साल अपना घर खाली करना पड़ता है.
बाढ़ पीड़ितों को प्रशासन से शिकायत
संगीता कोई इकलौती नहीं जिसे प्रशासनिक व्यवस्था से शिकायत है. राहत शिविर में ही मिल गईं 65 साल की रामवती देवी ने कहा कि बाढ़ के कारण हमारे घर को व्यापक नुकसान हुआ है. मेरी सहायता करने के लिए मेरे परिवार का भी कोई नहीं है. उन्होंने प्रशासन की ओर से सहयोग को लेकर शिकायत करते हुए कहा कि राहत शिविर में रह रही हैं लेकिन उनका नाम यहां सूची में नहीं है.
विधायक ने पीड़ितों को दिया मदद का आश्वासन
प्रयागराज में बाढ़ से तबाही को लेकर नॉर्थ प्रयागराज विधानसभा सीट से विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी ने कहा कि प्रदेश सरकार को प्रभावित इलाके में एक डैम के निर्माण का प्रस्ताव दिया है जिससे बाढ़ के पानी को रोका जा सके. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से यह आश्वासन भी मिला है कि बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए पूरी व्यवस्था की जाएगी.
एनडीआरएफ तैनात, डीएम ने लिया जायजा
गंगा और यमुना नदी के जलस्तर में लगातार इजाफा और इनके खतरे के निशान को पार करने के बाद जिलाधिकारी (डीएम) सुनील खत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया. डीएम ने लोगों से बस्ती खाली करने की अपील की. बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एनडीआरएफ को तैनात कर दिया गया है. बाढ़ को लेकर संबंधित विभाग के इंजीनियर ये कह रहे हैं कि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से बांधों पर पानी का दबाव बढ़ रहा है. इंजीनियरों ने जलस्तर में अभी और इजाफे की आशंका जताई है.