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राहुल के अध्यक्ष पद पर नामांकन के बाद अमेठी में जश्न

आखिरकार 11 दिसंबर 2017 का दिन मुकर्रर हो गया, जिस दिन राहुल गांधी अपनी मां सोनिया गांधी की जगह पर पार्टी अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे.

राहुल गांधी राहुल गांधी
सुरभि गुप्ता/शिवेंद्र श्रीवास्तव
  • नई दिल्ली,
  • 04 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST

राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नामांकन भरने की खबर आते ही उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में उत्साह का माहौल बन गया. कांग्रेस कार्यकर्ता खुशियां मनाने के लिए पार्टी कार्यालय पर इकट्ठा हुए, जहां ढोल-नगाड़ों के साथ पटाखे छुड़ाए गए और एक-दूसरे को मिठाई खिलाई गई.

अध्यक्ष बन संगठन में बदलाव कर सकते हैं राहुल

कार्यकर्ताओं के मुताबिक राहुल की ताजपोशी सबके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. हालांकि राहुल पिछले कई साल से पार्टी की हर गतिविधि में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं. यहां तक कि पिछले हर चुनाव को राहुल के ही नेतृत्व में लड़ा गया है लेकिन कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का मानना है कि अध्यक्ष बनने के साथ ही राहुल गांधी के पास वह तमाम अधिकार आ जाएंगे जिससे वह पार्टी में नई जान फूंक सकते हैं, संगठन में नए बदलाव कर सकते हैं.

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मां सोनिया की जगह लेंगे राहुल गांधी

गौरतलब है राहुल के अध्यक्ष बनने की अटकलें काफी समय लगाई जा रही थीं, लेकिन आखिरकार 11 दिसंबर 2017 का दिन मुकर्रर हो गया, जिस दिन राहुल गांधी अपनी मां सोनिया गांधी की जगह पर पार्टी अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे.

राहुल गांधी के लिए चुनौतियां

अध्यक्ष बनते ही राहुल गांधी की सबसे बड़ी चुनौती उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों में पार्टी की साख बढ़ाना और गुजरात चुनाव में पार्टी को बेहतर स्थिति में लाना है. हाल के दिनों में जिस तरह से कांग्रेस की उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में हार हुई है, वह राहुल के लिए चिंता का विषय बन सकती है. अब गुजरात का चुनाव राहुल गांधी के लिए नाक का विषय है क्योंकि अगर राहुल गांधी उसमें फेल होते हैं तो पार्टी समेत कार्यकर्ताओं में विश्वास जगाने में उन्हें खासी मुश्किल होगी. लिहाजा उम्मीद अभी की जा रही है कि अध्यक्ष पद संभालते ही राहुल गांधी पार्टी के संगठन में कई बड़े बदलाव कर सकते हैं और अपने मनमुताबिक नेताओं के काम का बंटवारा भी कर सकते हैं.

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अमेठी के विकास पर सवाल

बहरहाल राहुल के संसदीय क्षेत्र अमेठी में अध्यक्ष बनने की नामांकन प्रक्रिया के बीच काफी अलग-अलग विचार देखने को मिले. कई लोगों का कहना यह है इतने साल तक शासन में रहने के बावजूद अमेठी का ठीक से विकास नहीं किया गया, लिहाजा राहुल से कोई उम्मीद करना बेकार है. दूसरी तरफ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का कहना है कि राहुल और गांधी परिवार ने अमेठी के लिए जितना किया है, उतना कोई नहीं कर सकता.

राहुल से तय होगा कांग्रेस का भविष्य

राहुल गांधी के लिए चुनौती किसी भी तरह कम नहीं है, फिर चाहे बात अमेठी की हो, पूरे उत्तर प्रदेश की हो या फिर गुजरात में आगामी चुनाव की हो. अध्यक्ष बनने के साथ ही राहुल गांधी की अग्नि परीक्षा शुरू हो जाएगी और अगर राहुल पास होते हैं, तो यह कांग्रेस के एक नए युग की शुरुआत होगी और अगर फेल होते हैं तो कांग्रेस के लिए आगे उबरना बेहद मुश्किल होगा.

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