
राजा भैया के निकटम सहयोगी एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह "गोपाल" को अदालत ने आईपीसी की 420, 468 व 471 के मामले में दोषी करार दिया. उन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी पते के दम पर रिवॉल्वर के लिए लाइसेंस लेने की कोशिश की थी. 22 मार्च को कोर्ट इस मामले में सजा सुनाने जा रहा है.
अब जानकारी के लिए बता दें कि करीब 24 साल पहले साल 1997 में गलत पते पर रिवॉल्वर के लिए लाइसेंस बनवाने के मामले में एमपी एमएलए कोर्ट के मजिस्ट्रेट बलराम दास जायसवाल ने सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेश पांडेय की पैरवी पर उन्हें दोषी करार दिया था. ऐसे में अब अक्षय को तो सजा मिलने ही जा रही है, इसके अलावा कार्रवाई की जद में राजस्व व पुलिस महकमें के रिपोर्ट लगाने वाले कई पुलिस अधिकारी भी आ सकते हैं.
वैसे अक्षय प्रताप के लिए ये ज्यादा बड़ा झटका इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि वे राजा भैया के काफी करीबी माने गए हैं. उनकी राजनीति भी उसी आधार पर काफी आगे बढ़ी है. वे प्रतापगढ़ से तीन बार एमएलसी तो एक बार सांसद रह चुके हैं. इस बार फिर राजा भैया की तरफ से उन्हें उम्मीदवार घोषित किया गया है. लेकिन उस चुनाव से पहले ही उनके खिलाफ कोर्ट द्वारा ये बड़ा एक्शन ले लिया गया है. कहा जा रहा है कि इस कार्रवाई की वजह से उनके एमएलसी चुनाव लड़ने पर भी ग्रहण लग सकता है. इस मुद्दे पर अभी तक अक्षय प्रताप सिंह की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. राजा भैया ने भी कोई बयान जारी नहीं किया है.
सुनील यादव की रिपोर्ट