
प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. उनके करीबी एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी के फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में डीजे कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द करते हुए गैर जमानती वारंट जारी किया है. कोर्ट ने जमानतदारों को भी नोटिस जारी करने के लिए कहा है.
एमएलसी अक्षय प्रताप ने 1997 में नगर कोतवाली सिविल लाइन के पते पर एक शस्त्र लाइसेंस लिया था जिसमें तत्कालीन नगर कोतवाल डीपी शुक्ल ने पते को फर्जी बताते हुए मुकदमा पंजीकृत किया था उसके बाद चार्जशीट दाखिल की थी. 15 मार्च 2022 को MP/MLA कोर्ट ने अक्षय प्रताप को फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस के मामले में दोषी माना था. 22 मार्च को सजा सुनाने के लिए फैसला सुरक्षित रखा था. 23 मार्च में सुनवाई के बाद अंतिम फैसला सुनाते हुए 7 साल की सजा और 10 हजार का जुर्माना लगाया और उन्हें जिला कारागार जाना पड़ा था.
MP/MLA कोर्ट के फैसले को उन्होंने जिला अदालत में चुनौती दी. जिला जज ने सजा पर स्टे लगाते हुए तुरंत रिहा करने का आदेश दे दिया था. जिसके बाद 24 मार्च को ही जेल से बाहर आ गए थे. इस मामले में अक्षय को 20 अप्रैल को जिला जज कोर्ट में पेश होना था, लेकिन उनके वकील ने कोर्ट में हाजिरी माफीनामा पेश किया और 22 अप्रलै को भी वो कोर्ट में नहीं पहुंचे. इस बार वकील के माफीनामे को नामंजूर करते हुए उनकी जमानत निरस्त कर दी और उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दे दिया.
राजा भैया की भी बढ़ी मुश्किलें
जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पार्टी से उनके करीबी अक्षय प्रताप ने पांचवी बार पार्टी से नामांकन किया था, लेकिन सजा मिलने के बाद गोपाल जी की पत्नी मधुरिमा का भी नामंकन राजा भैया ने करा दिया था. कोर्ट द्वारा सजा पर स्टे मिलने के बाद अक्षय प्रताप ने ही चुनाव लड़ा और जीत गए, लेकिन अब दोबारा कोर्ट के आदेश पर गैर जमानती वारंट जारी होने पर अक्षय प्रताप समेत राजा भैया की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं.
(इनपुट- सुनील यादव)