
जमीने कब्जाने, किताब चोरी के 29 मामले दर्ज होने के बाद और कोर्ट में जमानत खारिज होने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और सांसद आजम खान पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. पुलिस ने आजम खान के खिलाफ अब डकैती के चार मुकदमे भी दर्ज कर लिए हैं. ताजा मामले में आजम खान पर महिला की गैर इरादतन हत्या का भी आरोप है.
उनके भाई और बेटे पर भी हत्या के प्रयास का मुकदमा किया गया है और इसमें भी आजम खान का नाम है. इन मामलों में उनके खिलाफ संगीन धाराएं लगी हैं. जमीन कब्जाने के 28 और किताब चोरी के एक मामले में अदालत ने आजम खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिसके बाद उन पर गिरफ्तारी का खतरा बढ़ गया है.
एफआईआर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता का नाम पूर्व सर्कल ऑफिसर अलाय हसन, फशात शानू, वीरेंद्र गोयल और कांस्टेबल धर्मेंद्र के साथ डकैती, साजिश और जालसाजी के आरोप में नामजद किया गया है. रामपुर के पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा के अनुसार, शिकायतकर्ता नन्हे ने आरोप लगाया है कि खान और अन्य लोगों ने उसकी जमीन छीन ली और उसके घर को तोड़ दिया. उन्होंने कहा, "वे इतने पर ही नहीं रुके, आरोपियों ने उसके निजी सामान, गहने और उसके मवेशी को भी छीन लिया." पुलिस अधीक्षक ने कहा, "जांच के दौरान शिकायत सही लगी और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है."
इसी मामले में नन्हे ने 15 अक्टूबर 2016 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी लेकिन इस बाबत कोई कार्रवाई नहीं की गई. उसकी जमीन को बलपूर्वक रामपुर पब्लिक स्कूल के लिए ले लिया गया. आजम खान ने इससे पहले रामपुर में उनके खिलाफ दर्ज जमीन हथियाने के 29 मामलों में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था, जिनमें से 28 मामले आलियागंज के किसानों की ओर से दर्ज की गई प्राथमिकी से संबंधित हैं. अदालत ने बुधवार को उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था.(आईएएनएस से इनपुट)