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आजम खान की विधानसभा सदस्यता रद्द होने के बाद अखिलेश यादव का बयान, कहा- फर्जी केस दर्ज कर रही बीजेपी

सपा नेता आजम खान की विधानसभा सदस्यता रद्द होने के बाद अखिलेश यादव ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला है. अखिलेश ने कहा कि आजम खान साहब भाजपा सरकार की आंखों में इसलिए खटकते हैं क्योंकि वे साम्प्रदायिक ताकतों के धुर विरोधी हैं और लोकतंत्र तथा समाजवाद के लिए प्रतिबद्ध हैं.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (फाइल फोटो) सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
समर्थ श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 30 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 7:45 AM IST

सपा नेता आजम खान की विधानसभा सदस्यता रद्द होने के बाद पहली बार अखिलेश यादव का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के निशाने पर आजम खान साहब हैं, जिन पर रोज फर्जी केस दर्ज किए जा रहे हैं. उन्हें हर तरह से परेशान किया जा रहा है. 

अखिलेश ने कहा कि मोहम्मद आजम खान साहब भाजपा सरकार की आंखों में इसलिए खटकते हैं क्योंकि वे साम्प्रदायिक ताकतों के धुर विरोधी हैं और लोकतंत्र तथा समाजवाद के लिए प्रतिबद्ध हैं. रचनात्मक कार्यों में उनकी विशेष रुचि है. वह संविधान और धर्मनिरपेक्षता के लिए निरन्तर संघर्ष करने वाले नेता रहे हैं. 

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भाजपा को चिढ़ है कि रामपुर में आजम खान ने एक उच्चस्तरीय शैक्षिक संस्थान मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय बना दिया जिससे इस क्षेत्र के नोजवानों को आगे बढ़ने का मौका मिलना तय था. इस बड़े काम की प्रशंसा के बजाय भाजपा सरकार विश्वविद्यालय को ही मटियामेट करने पर तुल गई. आजम साहब पर न जाने कितने झूठे मुकदमे लगा दिए गए. भाजपा मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने में लगी है. 

'आजम ने ही की थी कुम्भ की तैयारी' 

जब प्रदेश में कुम्भ का महापर्व आया तब समाजवादी सरकार में बतौर मंत्री आजम खान ने कुम्भ की तैयारियों पर निगाह रखी और लोगों की सुविधाओं का विस्तार किया. इसकी साधु संतों ने भी प्रशंसा की. कुम्भ के निर्विघ्न सफलता पूर्वक सम्पन्न होने पर हावर्ड विश्वविद्यालय ने विशेष रिपोर्ट तैयार की थी जिसमें समाजवादी सरकार, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा तत्कालीन नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां की भूरि-भूरि प्रशंसा थी और उन्हें अपने हावर्ड विश्वविद्यालय में इस सम्बंध में प्रस्तुति के लिए भी आमंत्रित किया था. 

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'राजनीति में विद्वेष की भावना का स्थान नहीं' 

भाजपा सरकार को याद रखना चाहिए कि राजनीति में विद्वेष की भावना का कोई स्थान नहीं है. लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष की समान भूमिका होती है. आजम खान सामान्य व्यक्ति नहीं, वे रामपुर से 10 बार विधायक, तीन बार सांसद, राज्य सरकार में कई बार मंत्री, नेता विपक्ष भी रहे हैं. भाजपा ने उनको राजनीति में किनारे करने की जो साजिश की है वह उन पर ही भारी पड़ेगी. राज्य की जनता भाजपा के अनैतिक आचरण को कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगी. 

 

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