
शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी (Wasim Rizvi) इस्लाम छोड़ हिंदू धर्म अपनाने जा रहे हैं. उन्हें डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंम्हानंद गिरी महाराज सनातन धर्म ग्रहण करवाएंगे.
जानकारी के मुताबिक, रिजवी आज सुबह साढ़े 10 बजे गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर में हिंदू धर्म ग्रहण करेंगे. यति नरसिम्हानंद गिरी महाराज पूरे रीति रिवाज से उन्हें हिंदू धर्म ग्रहण करवाएंगे.
कुछ दिन पहले ही जारी की थी वसीयत
वसीम रिजवी ने कुछ दिन पहले ही अपनी वसीयत जारी की थी. इसमें उन्होंने ऐलान किया था कि मरने के बाद उन्हें दफनाया न जाए, बल्कि हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया जाए. उन्होंने कहा था कि यति नरसिम्हानंद उनकी चिता को अग्नि दें.
रिजवी ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि मेरी हत्या करने और गर्दन काटने की साजिश रची जा रही है. मेरा गुनाह सिर्फ इतना है कि मैंने कुरान की 26 आयतों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. मुसलमान मुझे मारना चाहते हैं और ऐलान किया है कि मुझे किसी कब्रिस्तान में जगह नहीं देंगे. इसलिए मरने के बार मेरा अंतिम संस्कार कर दिया जाए.
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कट्टरपंथियों के निशाने पर रहते हैं रिजवी
वसीम रिजवी अक्सर कट्टरपंथी मुस्लिमों के निशाने पर रहते हैं. उन्होंने कुरान से 26 आयतें हटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था. इसके बाद से ही रिजवी मुस्लिम संगठनों के निशाने पर हैं. मुस्लिम संगठनों का ये भी कहना है कि रिजवी का इस्लाम और शिया समुदाय से कुछ लेना-देना नहीं है. मुस्लिम संगठन रिजवी को मुस्लिम विरोधी संगठनों का एजेंट बताते हैं.