
जिला पंचायत अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया की घोषणा होने के बाद उत्तर प्रदेश में राजनैतिक सरगर्मी बढ़ गई है. तमाम दल जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अलग-अलग सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार रहे हैं. इसी कड़ी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली में भी भाजपा और सपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. भारतीय जनता पार्टी ने जहां निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य पर दांव लगाया है तो वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी ने एक पूर्व सांसद के भतीजे को मैदान में उतारा है. कुल मिलाकर चंदौली में यह मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है.
उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया की तारीख का ऐलान हो चुका है. इसके तहत 26 जून को नामांकन होगा वहीं 3 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान किया जाएगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे.
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इसे लेकर चंदौली जिले में भी बड़ी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. चंदौली जिले में कुल 35 जिला पंचायत सदस्य हैं. जो अध्यक्ष का चुनाव करेंगे. जिनमें समाजवादी पार्टी के 14, भारतीय जनता पार्टी के 8 और 9 निर्दलीय सदस्य हैं. चंदौली जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है. अभी तक यहां पर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने अपने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है. जिला पंचायत अध्यक्ष के पद का यह चुनाव इन दोनों दलों के लिए काफी महत्वपूर्ण है और दोनों ही दल चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं.
भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव के दौरान पार्टी ने चंदौली के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कुशवाहा को मैदान में उतारा था. ताकि उनको जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी बनाया जा सके. लेकिन सर्वेश कुशवाहा जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गए. हालांकि भाजपा के पास एक दो चेहरे और थे जिन्हें यहां से जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी बनाये जाने की चर्चा थी, लेकिन वो लोग भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गए. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी ने शहाबगंज के सेक्टर 2 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते दीनानाथ शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है.
दीनानाथ शर्मा शहाबगंज ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं और यहां के निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता सिंह और उनके पति पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबलि सिंह के करीबी बताए जाते हैं. चर्चा तो यह भी है कि दीनानाथ शर्मा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबलि सिंह के खास हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद छत्रबलि सिंह की टीम ने दीनानाथ शर्मा को जिला पंचायत सदस्य बनवाया. ताकि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी कब्जे में रहे.
दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी ने चंदौली के पूर्व सपा सांसद रामकिशन के भतीजे तेज नारायण यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित किया है. तेज नारायण यादव नियामताबाद ब्लॉक के सेक्टर 4 से समाजवादी पार्टी के जिला पंचायत सदस्य हैं. पूर्व सांसद रामकिशन यादव का पूरा परिवार राजनीति से जुड़ा हुआ है. इनके छोटे भाई बाबूलाल यादव ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं. साथ ही साथ मुगलसराय विधानसभा से समाजवादी पार्टी के टिकट पर दो बार चुनाव भी लड़ चुके हैं. हालांकि दोनो बार ही ये चुनाव हार गए थे.
हालांकि दोनों ही दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं. भारतीय पार्टी के चंदौली जिला अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह का कहना है कि उनकी पार्टी से घोषित जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी दीनानाथ शर्मा की जीत होगी. वहीं समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर का दावा है कि उनकी पार्टी के प्रत्याशी की जीत होगी.
चंदौली में जिला पंचायत अध्यक्ष की लड़ाई सपा बनाम भाजपा ही रहेगी. अपनी-अपनी जीत का दावा तो दोनों ही पार्टी के लोग कर रहे हैं. लेकिन यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि जीत का सेहरा किसके सिर पर सजता है.