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हाथरस: पीड़त परिवार की सुरक्षा में तैनात पुलिसवाले निकले कोरोना पॉजिटिव, गांव में एंट्री हुई बैन

हाथरस केस में पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए तैनात किए उत्तर प्रदेश पुलिस के तीन जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं और दो अन्य जवानों ने भी कोरोना संक्रमण के लक्षणों की शिकायत की है. जिसके बाद, शहर प्रशासन ने गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी है और जल्द ही पूरे क्षेत्र को एक कंटेनमेंट जोन के तौर पर घोषित किया जाएगा.

कोरोना संक्रमित पुलिसकर्मियों को किया गया आइसोलेट (फाइल फोटो: PTI) कोरोना संक्रमित पुलिसकर्मियों को किया गया आइसोलेट (फाइल फोटो: PTI)
कुमार अभिषेक/अभि‍षेक आनंद
  • हाथरस,
  • 01 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 6:04 PM IST
  • हाथरस केस में पीड़ित परिवार की सुरक्षा में तैनात है पुलिस
  • तीन पुलिसकर्मियों को कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आई है पॉजिटिव
  • दो अन्य पुलिसकर्मियों ने बताए हैं कोरोना संक्रमण के लक्षण

हाथरस केस में पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए तैनात किए उत्तर प्रदेश पुलिस के तीन जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं और दो अन्य जवानों ने भी कोरोना संक्रमण के लक्षणों की शिकायत की है. जिसके बाद, शहर प्रशासन ने गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी है और जल्द ही पूरे क्षेत्र को एक कंटेनमेंट जोन के तौर पर घोषित किया जाएगा.

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इस बारे में पुलिस अधीक्षक (हाथरस) विक्रांत वीर ने आजतक से कहा, "तीन पुलिसकर्मियों, जिनमें एक सब-इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल शामिल हैं, कोविड- 19 पॉजिटिव पाए गए हैं और दो अन्य ने भी इसी तरह के लक्षणों की शिकायत की है. वे बुलगढ़ी गांव में पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए तैनात थे. सभी पुलिसकर्मियों को आइसोलेशन में भेज दिया गया है और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं."

लखनऊ में तैनात एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की कि तीन पुलिसकर्मियों की एंटीजेन टेस्ट रिपोर्ट से कोविड- 19 संक्रमण की पुष्टि हुई थी और उन्हें आइसोलेशन में भेजा गया था. जिसके बाद अन्य पुलिसकर्मियों के भी टेस्ट किए जा रहा हैं. इलाके को एक कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा.

अधिकारी ने कहा, "यूनिफॉर्म कंटेनमेंट जोन का साइज 100 से 150 मीटर के दायरे का होता है, लेकिन यह डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के विवेक पर है कि वे साइज़ पर क्या निर्णय लेते हैं. यह कोरोना का एंटीजन टेस्ट था, इसलिए लैब टेस्ट की जरूरत नहीं थी." हालांकि प्रशासन ने कोरोना पॉजिटिव पाए गए पुलिसकर्मियों की डिटेल शेयर करने से इनकार कर दिया.

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इस बीच, सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की जांच के लिए हाथरस के बुलगढ़ी गांव पहुंचा और पीड़ित परिवार का बयान दर्ज किया. आपको बता दें कि 19 साल की एक दलित लड़की के साथ गांव के ही चार लोगों ने कथित तौर पर 14 सितंबर को गैंगरेप किया था.

14 सितंबर की घटना में आई चोटों की वजह से आखिरकार पीड़िता ने 28 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. हालांकि इस मामले में पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है.

 

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